August 12, 2022
Alwar, Rajasthan, India
Economy

What Is Subsidy – अनुदान क्या है व इसके कार्य???

Subsidy ( अनुदान )

अनुदान

सब्सिडी से तात्पर्य ( subsidy meaning ) – सब्सिडी एक प्रकार की वित्तीय मदद है,जो कि सरकार द्वारा किसानों, उद्योगों, उपभोक्ताओं (मुख्यतः गरीबों) को उपलब्ध करायी जाती है। जिसके कारण वांछित लोगों के लिए जरूरी चीजों के दाम नीचे आ जाते हैं।

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किसी आर्थिक क्षेत्र, संस्था, व्यवसाय, या व्यक्ति को वित्तीय समर्थन देना है। यह आम तौर पर आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों को लाभ पहुँचाने और बढ़ावा देने के उद्देश्य से दी जाती है।

यदि किसी वस्तु लागत सीमा से कम पर उपलब्ध करवाते हैं तो अतिरिक्त वित्तीय बोझ को सरकार खुद वहन करती है   उदाहरण के लिए सरकारी शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी, फ़र्टिलाइज़र, इलेक्ट्रिसिटी, किसानों को दिए जाने वाले ॠण, एलपीजी पर सब्सिडी बजट, यह सब्सिडी जिसका बजट में प्रावधान होता है इसे दृश्य सब्सिडी भी कहते हैं

नान बजटीय सब्सिडी जिसका बजट में प्रावधान नहीं होता है अर्थात सब्सिडी के नाम से जाना जाता है

प्रत्यक्ष अनुदान केश उपभोक्ता के खाते में डालते हैं अप्रत्यक्ष अनुदान जिसमें रियायत दरों पर उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवाई जाती है
वर्तमान में सरकार अप्रत्यक्ष अनुदान को प्रत्यक्ष अनुदान में परिवर्तित कर रही है प्रत्यक्ष लाभ स्थानांतरण डीबीटी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण 01 जनवरी 2013 को भारत सरकार द्वारा शुरू की गरीबी विरोधी कार्यक्रम है इस कार्यक्रम के गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों को सीधे सब्सिडी हस्तांतरण करना है

सब्सिडी के प्रकार ( Types of Subsidy )

1⃣ Food Subsidy ( खाद्य सब्सिडी )

Food Subsidy में सरकार गरीबों के लिए सस्ते दामों पर खाद्यान्न (चावल, गेहूं, चीनी) इत्यादि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से उपलब्ध कराती है।

2⃣ Farmer Subsidy ( किसान सब्सिडी )

Farmer Subsidy में उर्वरक सब्सिडी, कैश सब्सिडी, ब्याज माफ़ी, वाहन और अन्य उपकरण खरीदने के लिए सब्सिडी आदि शामिल किये जाते हैं।

3⃣ Petroleum Subsidy ( पेट्रोलियम सब्सिडी )

तेल ईंधन सब्सिडी में गरीबी रेखा के नीचे जीवन जीने वाले लोगों को सरकार सस्ते दामों पर मिट्टी का तेल उपलब्ध कराती है। इसके अलावा रसोई गैस, डीजल और पेट्रोल के दामों में भी सब्सिडी सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जाती है।

4⃣ Tax Subsidy ( कर सब्सिडी )

टैक्स सब्सिडी मुख्य रूप से बड़े-बड़े उद्योग घरानों को प्रदान की जाती है। ताकि ये लोग अधिक लागत की हालत में उत्पादन करना बंद ना करें और देश में बेरोजगारी न फैले। कई बार सरकार आयात और निर्यात पर लगने वाले कर में सब्सिडी भी उद्योग घरानों को उपलब्ध कराती है।

5⃣ Religious Subsidy ( धार्मिक सब्सिडी )

यह सब्सिडी मुस्लिम समुदाय के लोगों को हज यात्रा करने के लिए और हिन्दुओं को अमरनाथ यात्रा करने के लिए सरकार द्वारा दी जाती है।अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने हिन्दू लोगों को अमरनाथ यात्रा करने के लिए 1 लाख रुपये तक की आर्थिक सब्सिडी देने की घोषणा की है।

6⃣ Interest Subsidy ( ब्याज सब्सिडी )

ब्याज सब्सिडी के अंतर्गत शिक्षा ऋण पर लगने वाले ब्याज का भुगतान सरकार करती है। साथ ही किसानों और उद्योगपतियों का ब्याज भी सरकार द्वारा माफ़ किया जाता है।

सब्सिडी_के_उद्देश्य

सब्सिडी_का मुख्य उद्देश्य लागत और मूल्य के बीच के अंतर को कम करना होता है। जिसके माध्यम से जरुरतमंदों को लागत से भी कम दामों पर वस्तुएं उपलब्ध करायी जातीं हैं।

सब्सिडी_के कुछ अन्य उद्देश्य

  • 1⃣ देश में उच्च खपत / उत्पादन को प्रेरित करना
  • 2⃣कमजोर वर्ग के लोगों के हितों की रक्षा करना
  • 3⃣सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देना

प्रत्यक्ष लाभ अंतरण या DBT ( Direct Benefit Transfer )

  • प्रत्यक्ष लाभ अंतरण या डीबीटी भारत सरकार का एक नया तंत्र है जिसके माध्यम से लोगों बैंक खातों में सीधे सब्सिडी हस्तांतरण की जाती है।
  • बैंक खातों में सब्सिडी जमा करने से लीकेज, देरी आदि कमियां खत्म हो जाएँगी।
  • प्रत्‍यक्ष लाभ अंतरण योजना (डीबीटी) का उल्‍लेख पहली बार तत्‍कालीन वित्‍त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने वर्ष 2011-12 में अपने केन्‍द्रीय बजट भाषण में किया था।
  • उस समय उन्‍होंने कहा था कि सरकार केरोसीन, एलपीजी और उर्वरकों के लिए नकद सब्सिडी का सीधे भुगतान करना चाहती है।
  • इन वस्‍तुओं के लिए सीधे नकद भुगतान करने के तौर-तरीकों पर विचार करने के लिए नंदन-नीलेकणी की अध्‍यक्षता में एक कार्यदल बनाया गया, जिसने फरवरी 2012 में अपनी रिपोर्ट सौंप दी।
  • प्रत्यक्ष लाभ अंतरण या डीबीटी भारत सरकार का एक नया तंत्र है जिसके माध्यम से लोगों बैंक खातों में सीधे सब्सिडी हस्तांतरण की जाती है।

2017-18 के बजट में सब्सिडी ( 2017-18 budget subsidy )

  • वित्त वर्ष 2016-17 के लिए कुल सब्सिडी बिल 2,32,704.68 करोड़ रुपये था जो कि 2017-18 में 2,40,338.6 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
  • 2017 के बजट प्रस्तावों के मुताबिक, 2017-18 वित्त वर्ष के लिए सब्सिडी का मुख्य खर्च भोजन, पेट्रोलियम और उर्वरक पर होगा।
  • सरकार ने अगले वित्त वर्ष में खाद्यान्न सब्सिडी के लिए 1, 45,338.60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है,जो कि वर्तमान वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान में 1,35,172.96 करोड़ रुपये है।
  • खाद्य सब्सिडी बिल अगले वित्त वर्ष में अधिक होने की संभावना है क्योंकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, जिसके तहत सरकार 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को ज्यादा सब्सिडी वाले खाद्यान्न प्रदान करती है, इसे पूरे देश में नवंबर 2016 से शुरू किया गया है।
  • 2017-18 वित्त वर्ष के लिए उर्वरक सब्सिडी को 70,000 करोड़ रुपये पर अपरिवर्तित रखा गया है। जो कि 2015 में 72,437.58 करोड़ रुपये थी।
  • वित्त वर्ष 2017-18 में पेट्रोलियम सब्सिडी को पिछले वर्ष के 27,531.71 करोड़ रुपये से घटाकर इस वित्त वर्ष के लिए घटाकर 25,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस 25,000 करोड़ रुपये में एलपीजी सब्सिडी के लिए 16,076.13 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं और बाकी केरोसिन के लिए है।
  • स्पष्ट है कि वित्त वर्ष 2017-18 में सब्सिडी का कुल बजट 2,40,338.6 करोड़ रुपये पहुँच गया है। उम्मीद की जाती है कि अगले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा और भी ज्यादा हो जायेगा।

कुछ अर्थशास्त्री सब्सिडी के इस बढ़ते बोझ को अर्थव्यवस्था के लिए अतिरिक्त बोझ मान रहे हैं जो कि ठीक नही है क्योंकि यह अतिरिक्त खर्च देश में सभी वर्गों के कल्याण पर खर्च हो रहा और इससे सबसे ज्यादा फायदा किसानों और समाज के गरीब लोगों को हो रहा है।

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