August 13, 2022
Alwar, Rajasthan, India
Economy

E-Commerce क्या है, फायदे और नुकसान

E-Commerce क्या है, E-Commerce के फायदे और नुकसान

E-Commerce Kya Hai, What Is E-Commerce In Hindi इसके फायदे, इसके नुकसान और इससे जुड़ी सारी जरूरी जानकारियाँ आपको इस लेख में पढ़ने को मिल जाएगी।दोस्तों E-Commerce शब्द से अर्थ Electronic Commerce यानि Internet Commerce से है। जो भी सामान या सर्विस हम इंटरनेट के द्वारा खरीदते या बेचते हैं, वह E-Commerce कहलाता है।

E-Commerce क्या है, E-Commerce के फायदे और नुकसान
E-Commerce क्या है, E-Commerce के फायदे और नुकसान। के बारे में विस्तार से

E-Commerce क्या है, E-Commerce के फायदे और नुकसान। के बारे में विस्तार से

आज इंटरनेट का समय है, तो अधिकतर लोग इंटरनेट द्वारा यानि ऑनलाइन खरीदारी करना पसंद करते हैं, चाहे फिर उन्हें 10000रू का मोबाइल फ़ोन खरीदना हो, या फिर 150रू का फ़ोन चार्जर, खरीदार चाहता है, की उसे घर बैठे कम से कम दाम में आसानी से उसकी जरुरत का सामान उपलब्ध हो जाए।

इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स (Electronic Commerce) इंटरनेट जैसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्क पर व्यापार करने का एक तरीका है ।

ई-कॉमर्स के अंतगर्त वस्तुओं या सेवाओं को खरीद या बिक्री इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम जैसे – इंटरनेट के द्वारा होता है । यह इंटरनेट पर व्यापर है । ई-कॉमर्स को व्यापक रूप से इंटरनेट पर उत्पादों की खरीदारी और बिक्री माना जाता है


इस तरह से इंटरनेट के माध्यम से सेवाओं और सामानों की बिक्री और खरीद को ही ई-कॉमर्स कहते है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक रूप से डेटा या धन दो या दो से अधिक पार्टियों के बीच स्थानांतरित होता है। सीधे शब्दों में कहें, यह ऑनलाइन खरीदारी है


वर्तमान में ई-कॉमर्स इंटरनेट के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है । ईकॉमर्स उपभोक्ताओं को समय या दूरी की बिना कोई बाधाओं के साथ वस्तुओं और सेवाओं का इलेक्ट्रॉनिक रूप से आदान-प्रदान करने की अनुमति देता है ।

इंटरनेट पर सामान ख़रीदना और बेचना ईकॉमर्स के सबसे लोकप्रिय उदाहरणों में से एक है ।
इसकी शुरुवात 1960 के दशक से शुरू हुई थी ।

ईकॉमर्स के उदाहरण :-

  • Online Shopping
  • Electronic Payments
  • Online Auctions
  • Internet Banking
  • Online टिकटिंग

भारत में E-Commerce की शुरुवात

अगर भारत में E-Commerce की शुरुवात की बात की जाए तो IRCTC द्वारा सन 2002 में इसकी शुरुवात कर दी गयी थी, जिसमे IRCTC ने एक Online Portal निकाला था जिससे रेल यात्रा के लिए टिकट खरीदने से लेकर रेल से जुड़ी दूसरी जरूरी जानकारियाँ यात्रियों को दी जा सकती थी, साथ ही इसका उद्देस्य टिकट बुकिंग कर्मियों पर से भी भार को कम करना था।

इसके बाद IRCTC के इसी मॉडल को देखकर सन 2003 में Air Deccan और Indian Airlines द्वारा भी ऑनलाइन टिकटिंग सुविधा सुरु कर दी गयी, जिससे बिना किसी एजेंट कमिशन के सीधे तोर पर अपने यात्रियों से जुड़ा जा सकता था।

भारत में Ecommerce का भविष्य

भारत में E-Commerce के भविष्य की संक्षिप्त में बात की जाए तो हमारा मानना है, कि अभी इस क्षेत्र में ऐसे ऑनलाइन मंचो में लगातार वृद्धि होगी, जैसे विश्व में भारत का बाजार सबसे बड़ा माना जाता है और दुनिया की बड़ी कंपनियों की नजर भारतीय बाजार पर रहती है। 


देखा जाए तो पिछले काफी वर्षो से कुछ बड़ी विदेशी कंपनियां जैसे Amazon, Wallmart इत्यादि अपनी सुविधायें भारत में भी दे रही हैं, और अगर भारतीय E-Commerce कंपनियों की बात की जाए तो Flipkart ने सन 2007 में शुरुआत की थी, जिसके बाद लगातार ऐसी कंपनियों में वृद्धि हुई है।


हमें ये भी मानना होगा कि E-Commerce डिलीवरी की सुविधा अभी ज्यादातर बड़े शेहरो तक ही सिमित है, यानि छोटी जगहों तक इसकी पहुँच अभी भी नहीं है, और आने वाले समय में जिस तरह से इंटरनेट का फैलाव भारत के हर कोने में होगा वैसे-वैसे कंपनियां भी अपना दायरा बढ़ाएंगी जो E-Commerce क्षेत्र के अच्छे भविष्य को दर्शाता है।


साथ ही अगर कुछ ऑनलाइन ऑफर भी मिल जाए तो और बढ़िया, तो चलिए E-Commerce क्या है, थोड़ा गहराई से समझते है।

E-Commerce क्या है | What Is E-Commerce In Hindi

जब एक खरीदार इंटरनेट के माध्यम से कोई सामान या सर्विस लेता है, और उससे संबंधित पैसों या डाटा का ऑनलाइन बिज़नेस के साथ लेन-देन करता है, वह E-Commerce के अंतर्गत आता है।


इंटरनेट पर E-Commerce के बहुत से मंच है, जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन खरीदारी के लिए किया जाता है।

जबकि अधिकांश लोग ईकॉमर्स को व्यवसाय से उपभोक्ता (B2C) के रूप में मानते हैं, कई अन्य प्रकार हैं ई-कॉमर्स

इनमें ऑनलाइन नीलामी साइट, इंटरनेट बैंकिंग, ऑनलाइन टिकट और आरक्षण शामिल हैं, और  व्यवसाय से व्यवसाय (बी 2 बी) लेनदेन।

हाल ही में, ईकॉमर्स की वृद्धि ने बिक्री का उपयोग करके विस्तार किया है मोबाइल उपकरणों, जिसे आमतौर पर ‘एम-कॉमर्स’ के रूप में जाना जाता है और यह केवल ई-कॉमर्स का सबसेट है।

E-Commerce के प्रकार | Types Of E-Commerce In Hindi

E-Commerce के मुख्य तोर पर चार प्रकार होते हैं, जो क्रेता और विक्रेता के बीच हुई किसी भी ऑनलाइन बिक्री या लेन-देन को दर्शाते हैं।

1. B2C E-Commerce :- जब एक व्यापार द्वारा कोई भी सामान या सर्विस ऑनलाइन माध्यम से सीधे तोर पर किसी उपभोक्ता को बेचीं जाती है, तो वह (B2C E-Commerce) कहलाता है। 

उदहारण:-जैसे आप अपनी कोई घड़ी, फोन, शर्ट इत्यादि किसी ऑनलाइन स्टोर से खरीदते हैं।

2.Business To Business (B2B)जब एक व्यापारी से दूसरे व्यापारी को कोई भी सामान या सर्विस ऑनलाइन बेचीं जाती है, तो वह (B2B E-Commerce) कहलाता है।

 

उदहारण :-जैसे एक व्यापार द्वारा दूसरे व्यापार के उपयोग के लिए कोई सॉफ्टवेयर बेचा जाता है, या उससे संबंधित सर्विस दी जाती है।

3.Consumer To Consumer (C2C) :- जब कोई सामान एक उपभोक्ता द्वारा किसी दूसरे उपभोक्ता को बेचा जाता है, वह (C2C E-Commerce) कहलाता है।

उदहारण:-जैसे एक उपभोक्ता द्वारा घर का पुराना सोफा या कोई पुरानी मशीन ऑनलाइन माध्यम से दूसरे उपभोक्ता को बेचीं जाती है।

4.Consumer To Business (C2B) :- जब एक उपभोक्ता द्वारा किसी व्यापार को अपनी सर्विस या सामान बेचा जाता है, वह (C2B E-Commerce) कहलाता है। 

उदहारण:- जब कोई उपभोक्ता कुछ लिखकर या अपने फोटोग्राफी हुनर से किसी व्यापार को मूल्य प्रदान करता है, जिससे व्यापार का विज्ञापन होता हो।

  1. Business To Government (B2G) :- ई-कॉमर्स के इस प्रकार में कंपनियों और सार्वजनिक प्रशासन या सरकार के बीच ऑनलाइन किए गए सभी लेनदेन शामिल हैं।यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें बड़ी मात्रा में और विभिन्न प्रकार की सेवाएं शामिल हैं, खासतौर पर वित्तीय, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार, कानूनी दस्तावेज और रजिस्ट्रार आदि जैसे क्षेत्रों में ।

  1. Consumer To Government (C2G) :- इस में उपभोक्ता और प्रशासन (सरकार) के बीच किए गए सभी इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन शामिल हैं । जैसे कर (टैक्स) का भुगतान करना, स्वास्थ्य सेवाओं का भुगतान, दूरस्थ शिक्षा प्राप्त करना इत्यादि ।

ई-कॉमर्स के प्रमुख लाभ :-

  • ई-कॉमर्स का उपयोग करते हुए, संगठन न्यूनतम पूंजी निवेश के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने बाजार का विस्तार कर सकता है ।
  • ई-कॉमर्स कंपनी की ब्रांड छवि को बेहतर बनाता है ।
  • ई-कॉमर्स संगठन को बेहतर ग्राहक सेवाएं प्रदान करने में सहायता करता है ।
  • ई-कॉमर्स व्यापार प्रक्रियाओं को सरल बनाने और उन्हें तेज़ और कुशल बनाने में मदद करता है ।
  • ई-कॉमर्स कागज काम बहुत कम कर देता है ।
  • ई-कॉमर्स ने संगठन की उत्पादकता में वृद्धि की ।
  • ई-कॉमर्स उत्पादों की लागत कम करने में मदद करता है इसलिए कम से कम समृद्ध लोग भी उत्पादों को खरीद सकते हैं ।

E-commerce के नुकसान – Disadvantages of E-commerce

  • E-commerce portal की start-up लागत बहुत अधिक है। हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को setup करना, employees की training cost,,और maintenance सभी काफी महंगे हैं।
  • E-commerce उद्योग में विफलता का एक बहुत बड़ा जोखिम है। कई सारी कंपनियां बुरी तरह से इस उद्योग में विफल रही हैं। विफलता का उच्च जोखिम आज भी बना हुआ है।
  • एक व्यक्तिगत स्पर्श की कमी कई तरह की सेवाओं और उत्पादों के लिए नुकसान का कारण हो सकती है जैसे इंटीरियर डिजाइनिंग या गहनों के व्यवसाय के  लिए ।
  • सुरक्षा चिंता का दूसरा कारण है। हाल ही में, हमने कई सुरक्षा उल्लंघनों को देखा है जहां ग्राहकों की जानकारी चोरी हो गई थी जैसे क्रेडिट कार्ड और पहचान की चोरी आदि ग्राहकों के साथ बड़ी चिंता का विषय है।
  • फिर पूर्ति की समस्याएं भी हैं। ऑर्डर दिए जाने के बाद भी शिपिंग, डिलीवरी, मिक्स-अप आदि की समस्याएं हो सकती हैं। इससे ग्राहक नाखुश और असंतुष्ट रहते हैं।

Ecommerce के कुछ फायदे व्यापार की नजर से।

1.कम लागत में शुरू किया जा सकता है :- ऑनलाइन स्टोर को खोलना किसी भी शोरूम  खोलने से काफी सस्ता पड़ता है, जिसमे काफी पैसो की बचत की जा सकती है। Showroom या किसी Retail स्टोर के लिए काफी बड़ी जगह लेनी पड़ सकती है, जिससे उसका किराया भी बड़ जाता है, और साथ ही स्टाफ और सुरक्षा पर भी पैसे खर्च होते हैं। वहीँ अगर ऑनलाइन स्टोर खोलने की बात करें तो इन सब खर्चो को कम किया जा सकता है।


2.समय की कोई पावंदी नहीं होती :- E-Commerce का दूसरा फायदा यह है, की इसमें सामान बेचने की कोई समय सीमा नहीं होती, यानि एक Customer आपके स्टोर से सुबह 4 बजे भी सामान खरीद सकता है, और रात 12 बजे भी, तो इसमें समय का बंधन नहीं होता है, और ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है।


3.सामान बेचने का असीमित दायरा :- इसमें सामान बेचने का कोई सीमित दायरा नहीं होता है, जैसे अपने क्षेत्र में या अपने शहर में बल्कि दुनिया में ऑनलाइन माध्यम से कही भी अपने सामान को बेचा जा सकता है।

E-Commerce के कुछ फायदे उपभोक्ता की नजर से।

1.मनपसंद सामान या सर्विस के चुनाव का मौका:- E-Commerce से एक उपभोक्ता को अपनी मनपसंद के सामान या सर्विस को खरीदने के ढेरो विकल्प मिल जाते हैं, जिसमे इसकी विविधता और क्षेत्र असीमित होता है। यानि एक जगह बैठे-बैठे दूसरे कई मंचो से लिए जाने वाले सामान की तुलना करने का मौका मिल जाता है।


2.सुविधा:- उपभोक्ता को खरीदारी करने की सुविधा रहती है, यदि अगर आप कही सफर कर रहें हैं, या मौसम ख़राब होने पर बाहर नहीं जा सकते तो भी आपको चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि E-Commerce से घर बैठे खरीदारी का विकल्प मिल जाता है।


3.समय की बचत:- E-Commerce से समय की काफी बचत हो जाती है, आपको बाहर जाने और अलग-अलग दुकानों पर जाकर सामान

E-Commerce के कुछ नुकसान उपभोक्ता की नजर से

1.सुरक्षा:-अगर सबसे बड़ी कमी जो उपभोक्ता की नजर से देखा जाए तो वह ऑनलाइन खरीदारी में सुरक्षा को लेकर है, यानि E-Commerce वेबसाइट पर अपनी पूरी जानकारी देना जिसमें अपना पता नाम और क्रेडिट कार्ड से सम्बंधित जरुरी जानकारियां होती हैं, जिसके चोरी होने का खतरा बना रहता है।  
2.धोके का डर:-ग्राहक कही बार E-Commerce खरीदारी से बचता है, क्योंकि जहाँ से वह खरीदारी की सोच रहा है, क्या वो वास्तविक रूप में है भी या नहीं, तो ग्राहक के मन में यह डर बना रहता है। अगर कुछ नामी E-Commerce कंपनियों को छोड़ दिया जाए तो इंटरनेट पर दूसरी हजारों ऐसी वेबसाइट रोज बनती हैं, जिनसे Fraud भी किया जाता है।  
3.खरीदारी से पहले Try नहीं क्या जा सकता:-अगर बात करें किसी शोरूम या दुकान की जहाँ पर हम सामान को छूंकर देख सकते हैं, लेकिन E-Commerce में खरीदारी से पहले ऐसा नहीं किया जा सकता जिससे मन में संदेह बना रहता है। 

E-Commerce के कुछ नुकसान व्यापार की नजर से

1. Crash होने पर काम रुक जाता है:- E-Commerce में सारा काम Website आधारित होता है। अगर किसी कारण यह क्रैश हो जाती है, तो सारा काम रुक जाता है, तो इससे काफी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। 
2. Competition काफी ज्यादा होता है:- इंटरनेट पर दूसरे ऐसे ऑनलाइन स्टोर के साथ हमेशा Competition बना रहता है, और ऐसे में लगातार प्रचार पर काम करते रहना पड़ता है, जिससे ग्राहक दूसरे ऑनलाइन मंचो की तरफ आकर्षित ना हों। 
3.ग्राहकों से सीधे तोर पर जुड़ाव नहीं होता:-अगर ग्राहक की कुछ शिकायत है, या उन्हें कुछ पूछना है तो कई बार व्यापारी और उपभोक्ता के बीच Communication में काफी समय लग जाता है, जिससे ग्राहक का धैर्य जवाब दे जाता है, और इससे दोनों के बीच मतभेद उत्पन्न हो सकते है।

भारत में E-Commerce के मुख्य Platforms

१. अमेजन, फ्लिपकार्ट , स्नैपडील

निष्कर्ष

दोस्तों आपने पढ़ा E-Commerce Kya Hai, E-Commerce के प्रकार और इससे जुड़ी  वो सभी जरूरी जानकारियाँ जो आपको पता होनी चाहिए। हमारा मानना है, की अभी E- Commerce का भविष्य भारत में बहुत अच्छा है, और इसमें लगातार वृद्धि होगी। 
लोगो के पास इस क्षेत्र से जुड़ने के नए मौके हैं, चाहे फिर बात की जाए इसके माधयम से अपने किसी Product को बेचने कि या फिर नए E-Commerce प्लेटफार्म तैयार करने की। यदि आप इस क्षेत्र में रूचि रखते हैं, और कुछ नया करना चाहते हैं, तो इसमें आप अपना भविष्य बना सकते हैं। यदि इस पोस्ट में दी गयी जानकारी आपके कुछ काम आई है, तो इसे दूसरों के साथ भी शेयर करें धन्यवाद।

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