Akshansh or Deshantar Rekha se sambandhit mahatvpurn question in Hindi | अक्षांश एवं देशांतर के वन लाइनर प्रशन

Akshansh or Deshantar Rekha se sambandhit mahatvpurn question in Hindi –  गोल्डन क्लासेज में आपका स्वागत है। आज इस लेख में आपको अक्षांश और देशांतर रेखाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। इस पोस्ट में निम्न बिंदुओं पर अध्ययन करेंगे – अक्षांश व देशांतर क्या है? ( What is latitude and Longitude ), अक्षांश और देशांतर की संख्या कितनी है? – Akshansh or Deshantar Rekha ki sankhya kitni hai, ओर अक्षांश और देशांतर के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य आदि के बारे में जानेंगे। 

आगे इसे पोस्ट में अक्षांश एवं देशांतर के प्रशन उत्तर और अक्षांश व देशांतर ऑब्जेक्टिव क्वेश्चन ( Read the rest

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Passes In Indiaभारत के मुख्य दर्रे

Passes

भारत के मुख्य दर्रे (Passes)

जम्मू-कश्मीर

1. अघील: यह कराकोरम में स्थित भारत की सबसे ऊंची चोटी K2 के उत्तर में स्थित है यह समुन्दर तल से लगभग 5000 मीटर की ऊंचाई पर है और भारत के लद्दाख को चीन के एक्सिन्जियांग (सिकियांग) प्रांत से मिलाता है अधिक ऊंचाई पर स्थित होने तथा पर्वतों द्वारा घिरे रहने के कारण यह नवम्बर से मई के प्रथम सप्ताह तक बंद रहता है

दर्रे Passes

2. बनिहाल: यह पीर पंजाल पर्वत श्रंखला में 2832 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है यहां शीत ऋतु में हिमपात होता है जिस कारण यह आवागमन के … Read the rest

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Indian wildlife and National Park: वन्य जीव एवं राष्ट्रीय उद्यान

Indian wildlife and National Park

Indian wildlife and National Park (वन्य जीव एवं राष्ट्रीय उद्यान)

भारतीय उप-महाद्वीप न केवल अपनी सांस्कृतिक विविधता के लिए जाना जाता है बल्कि यहाँ पर वनस्पतियों और जीवों की विविध प्रजातियाँ भी पाई जाती हैं| इसलिए भारत में वन्यजीव अभयारण्यों और राष्ट्रीय उद्यानों का निर्माण लुप्तप्राय पक्षियों और जानवरों के संरक्षण के लिए बड़ी संख्या में किया गया है,

ताकि इन पक्षियों और जानवरों के विलोपन को रोका जा सके| वन्यजीव अभयारण्य में मानव गतिविधियों की अनुमति दे दी जाती है जबकि एक राष्ट्रीय पार्क में ये पूरी तरह से प्रतिबंधित रहती हैं ।

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information INDIAN FOREST भारत की प्राकृतिक वनस्पति, वन

information INDIAN FOREST

information INDIAN FOREST (भारत की प्राकृतिक वनस्पति, वन)

भारत में हिमालय तथा प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में स्थानिक वनस्पति पाई जाती है। भारत में पाए जाने वाले पेड़-पौधों की 40 प्रतिशत जातियां तिब्बत तथा चीन से लाकर विकसित की गई हैं। इन्हें बोरियल वनस्पति कहते हैं।

पार्थेनियम नाम की वनस्पति भारत के विभिन्न भागोँ मेँ खूब फैली है यह एक प्रकार की घास है, जिससे स्वास्थ्य तथा चर्म रोग होते हैं। जो वन जलवायु की दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं, उन्हें आरक्षित वन कहते हैं।

इसके अंतर्गत अधिकांश राष्ट्रीय पार्क एवं अभ्यारण भी आते हैं। उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन अंडमान … Read the rest

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Indian Soils: भारत की मिट्टियां क्या है???

Indian SOILS

Indian SOILS (भारत की मिट्टियां)

भारत में सर्वाधिक क्षेत्रफल पर पाई जाने वाली मिट्टी क्रमानुसार-

  • जलोढ़ मिट्टी – 43 %
  • लाल मिट्टी – 18 %
  • काली मिट्टी – 15 %
  • लैटेराइट मिट्टी – 3.7%

भारत की सभी मिट्टियों में तीन तत्वों की कमी पाई जाती है।

  • ह्यूमस
  • नाइट्रोजन
  • फास्फोरस

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली  (Indian Council of Agricultural Research-I.C.A.R.) ने भारतीय मिट्टी को 8 भागों में बांटा है-

  1. लाल मिट्टी Red Soil
  2. काली मिट्टी Black Soil
  3. लैटेराइट मिट्टी Laterite Soil
  4. क्षारयुक्त मिट्टी Saline and Alkaline Soil
  5. हल्की काली एवं दलदली मिट्टी Peaty and Other Organic soil
  6. रेतीली मिट्टी Arid
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भारत के व्यापार एवं उद्योग Indian Trade and Industry

भारत के व्यापार एवं उद्योग

स्वतंत्रता पूर्व औद्योगिक विकास

व्यापार एवं उद्योग

भारत में औपनिवेशिक काल के दौरान उद्योगों का पर्याप्त विकास नहीं हो पाया |उद्योगों का प्रथम सफल प्रयास 1854 ईसवी में मुंबई में सूती वस्त्र बनाने और 1855 में रीसरा में (कोलकाता के निकट )जूट कारखाने का रहा| कोयला खनन उद्योग की शुरुआत भी लगभग उसी समय हुई|

1874 ईसवी में कुल्टी मे लोहा बनाने का कारखाना स्थापित किया गया |वर्ष 1907 में जमशेदपुर में टाटा लौह इस्पात के कारखाने की स्थापना से औद्योगिक विकास को नई दिशा मिली|

स्वतंत्रता के पश्चात औद्योगिक विकास

स्वतंत्रता पश्चात सरकार ने … Read the rest

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Indian Physical territory: भारत के भौतिक प्रदेश

Indian Physical territory

Indian Physical territory (भारत के भौतिक प्रदेश)

भौतिक भूगोल (Indian Physical territory) भूगोल की एक प्रमुख शाखा है जिसमें पृथ्वी के भौतिक स्वरूप का अध्ययन किया जाता हैं। यह धरातल पर अलग अलग जगह पायी जाने वाली भौतिक परिघटनाओं के वितरण की व्याख्या व अध्ययन करता हैसाथ ही यह भूविज्ञान, मौसम विज्ञान, जन्तु विज्ञान और रसायन शास्त्र से भी जुड़ा हुआ है।  इसकी कई उपशाखाएँ हैं जो विविध भौतिक परिघटनाओं की विवेचना करती हैं।

भौतिक भूगोल से जुड़े विषय और इसकी शाखायें:

खगोलीय भूगोल : यह पार्थिव घटनाओं का अध्ययन करता है, जिसमें मुख्य रूप से … Read the rest

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Indian Agriculture: भारत की फसलों के बारे में जाने???

Indian Agriculture

Indian Agriculture (भारत की कृषि )

 भारत एक कृषि प्रधान देश है यहां की लगभग 52 प्रतिशत आबादी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं |

वर्ष 2012 -13 में देश के कुल सकल घरेलू उत्पाद का 14 .1% योगदान कृषि का है|

यहां कुल क्षेत्रफल का लगभग 45% भाग शुद्ध बोया गया क्षेत्र है|

भारत की जलवायु विशेषकर तापमान वर्षभर कृषि उत्पादन के अनुकूल रहता है जलवायु की विविधता के कारण भारत में उष्ण उपोषण शीतोष्ण सभी फसलें उगाई जाती हैं|

भारत की फसलों

भारत में कुल कृषि भूमि के लगभग 75% भाग पर खाद्यान्न फसलें उगाई … Read the rest

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Climate: भारत की जलवायु के बारे में जाने???

Climate

Climate of India (भारत की जलवायु)

भारत की Climate

भारत की Climate मानसूनी जलवायु है। यहां की जलवायु (Climate) परिस्थितियों के सामान्य रूप से मानसून पूर्व की स्थिति मानसून काल एवं मानसून वापस सी के कालक्रम में बांटा जा सकता है। मानसून पूर्व की स्थिति में देश में भयंकर गर्मी पड़ती है। कई स्थानों पर तेज आंधियां एवं गर्म हवा चलती है उत्तरी भारत में निम्न वायुदाब विकसित हो जाता है। इससे पौधों की दिशा में परिवर्तन हो जाता है। पवन एक तीव्र वेग से समुद्र से स्थूल की ओर बढ़ती है।​

मानसून काल आने पर दक्षिण- पश्चिम से … Read the rest

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India Location & Extension: भारत की स्थिति एवं विस्तार

India Location & Extension

India Location & Extension (भारत की स्थिति एवं विस्तार )

भौगोलिक परिचय

भारत का विस्तार

भारत की आकृति चतुष्कोणीय है।यह दक्षिण एशिया के मध्य में स्थित है। भारत के पूर्व में इंडोचीन प्रायद्वीप व पश्चिम में अरब प्रायद्वीप स्थित है। भारत अक्षांशीय दृष्टि से उत्तरी गोलार्द्ध का देश है तथा देशांतरीय दृष्टि से पूर्वी गोलार्द्ध में मध्यवर्ती स्थिति रखता है। समूचा भारत लगभग मानसूनी जलवायु वाले क्षेत्रों में पाया जाता है, जिसका विस्तार उष्ण तथा तथा उपोष्ण के दोनों कटिबंधों में है।

इसका क्षेत्रफल 32,87,263 वर्ग किलोमीटर है। क्षेत्रफल की दृष्टि से विश्व का सातवां बड़ा … Read the rest

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