February 7, 2023
Alwar, Rajasthan, India
PHYSICS

Names of Indian scientists | भारतीय वैज्ञानिकों के नाम

आज इस लेख के माध्यम से भारतीय वैज्ञानिकों के नाम (name of Indian scientists )जानेंगे और उनके बारे में जानेंगे उन्होंने क्या क्या कार्य किए हैं इसलिए आपको इस लेख को ध्यान से पढ़ना है और भारत के वैज्ञानिक के बारे में अच्छे से नॉलेज ग्रहण करना है चलिए शुरू करते हैं।

भारतीय वैज्ञानिक के नाम|name of Indian scientists

सुश्रुत ( Sushruta )

  • विश्वामित्र के वंशज सुश्रुत का जन्म 600 ईसा पूर्व में हुआ था। सुश्रुत प्राचीन भारत के महान शल्य चिकित्सक थे उनके द्वारा रचित “सुश्रुत संहिता” में शल्य चिकित्सा का विस्तृत विवरण है।
  • सुश्रुत ने सर्वप्रथम संसार को शल्य चिकित्सा का परिष्कृत ज्ञान प्रदान किया,जो आज भी प्रासंगिक है। पहले चिकित्सक थे
  • जिन्होंने शल्यक्रिया का परिष्कार कर अनेक एक जटिल ऑपरेशन प्रस्तुत किए तथा संसार को शल्य क्रिया में प्रयुक्त यंत्रों का ज्ञान प्रदान किया। सुश्रुत को प्लास्टिक सर्जरी के पिता कहा जाता है।

चरक ( Charak )

  • चरक_आयुर्वेद चिकित्सा के महान आचार्य के रूप में प्रख्यात है। चरक पहले चिकित्सक थे जिन्होंने पाचन उपापचय और शरीर प्रतिरक्षा की अवधारणा दी।
  • उनके अनुसार शरीर में तीन प्रकार के दोष होते हैं। (पित्त कफ वात) शरीर में मौजूद तीनों दोषों के असंतुलन से व्यक्ति बीमार हो जाता है।
  • चरक_आयुर्वेद के महान आचार्य थे “चरक संहिता” लगभग 20 शताब्दी पहले इनके द्वारा रचा गया ग्रंथ है। यह संस्कृत भाषा में रचित है। तथा इसमें शरीर रचना रोग एवं उनकी चिकित्सा के बारे में विस्तार से वर्णन मिलता है
  • चरक_ने अनुवांशिकी के मूल सिद्धांतों को भी जान लिया था वे पहले चिकित्सक थे जिन्होंने ह्रदय को शरीर का नियंत्रण केंद्र बताया जो शरीर से मुख्य धमनियों द्वारा जुड़ा होता है।
  • आचार्य चरक पीड़ित जनता का इलाज करने तथा उन्हें शिक्षा देने हेतु दूर दूर तक पैदल यात्रा करते थे इसीलिए उन्हें “चरक” कहा गया।

सी.वी. रमन ( C.V. Raman

भारतीय वैज्ञानिक

  • चंद्रशेखर वेंकटरमन का जन्म 7 नवंबर 1888 को तमिलनाडु के त्रिचिरापल्ली में हुआ। सीवी रमन ने वाल्टेयर कॉलेज से इंटर परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की।
  • 1907 में 19 वर्ष की आयु में भौतिक विज्ञान में एमएससी परीक्षा उत्तीर्ण की। सी वी रमन को भारत सरकार द्वारा अर्थ विभाग के उपमहालेखापाल नियुक्त किए गए।
  • विज्ञान हेतु पर्याप्त समय न मिल पाने के कारण 1917 में रमन ने डाक विभाग के महालेखापाल पद से त्यागपत्र दे दिया।
  • वे कोलकाता विश्वविद्यालय में भौतिक विज्ञान के प्रोफेसर बने। इस पद पर रहते हुए रमन ने विश्व प्रसिद्ध “रमन प्रभाव” की खोज की। रमन प्रभाव को “रमन प्रकीर्णन” भी कहा जाता है।
  • इसके अनुसार- जब प्रकाश द्रव माध्यम से गुजरता है,तो प्रकाश और द्रव में अंतः क्रिया होती हैं। जिसे प्रकाश का प्रकीर्णन कहा जाता है।
  • रमन प्रभाव के अनुसार जब किसी प्रकाश को किसी पारदर्शी माध्यम से गुजरा जाता है,तो प्रकीर्णन के कारण उसकी आवर्ती बदल जाती है।)
  • रमन प्रभाव की खोज के लिए 1930 में उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। भारत सरकार द्वारा उन्हें वर्ष 1950 में राष्ट्रीय प्राध्यापक पद पर नियुक्त किया गया।
  • 1954 में इन्हें भारत रत्न से विभूषित किया गया। उनके इन वैज्ञानिक शांतिपूर्ण कार्यों द्वारा राष्ट्रों के मध्य मैत्री विकसित करने हेतु लेनिन शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • सी वी रमन ने समुद्र व आकाश का रंग नीला होने के कारण बताया तथा ठोस द्रव और गैस का अध्ययन किया। इसके अतिरिक्त इन्होंने चुंबकीय शक्ति एक्स किरणे पदार्थ की संरचना वर्ण व ध्वनी पर वैज्ञानिक अनुसंधान किए।
  • उनके सम्मान व रमन प्रभाव की खोज के उपलक्ष में हर वर्ष 28 फरवरी को विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है।

ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ( A.P.J. Abdul Kalam )

  • डॉक्टर अबुल पकिर जैनुला अबदीन अब्दुल खान का जन्म तमिलनाडु के रामेश्वर जिले में धनुषकोडी कस्बे में 15 अक्टूबर 1931 को हुआ। अया हुरै सोलोमन उनके प्रेरणा स्रोत बनें। सोलोमन का गुरु मंत्रः जीवन में सफलता पाने के लिए तीन मुख्य बातों की जरूरत है- इच्छाशक्ति आस्था और उम्मीद।
  • कलाम का सफलता का सार इन तीनों बिंदुओं में ही समाया हुआ है। 1954 में एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग हेतु मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में दाखिल हुए।
  • 1958 में कलाम रक्षा अनुसंधान और वैज्ञानिक संगठन में हावर क्राफ्ट परियोजना पर काम करने हेतु वरिष्ठ वैज्ञानिक के रूप में नियुक्त हुए।
  • 1962 में मैनन कलाम की लगन और मेहनत से प्रभावित होकर उन्हें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में ले गए जहाँ कलाम के जीवन का स्वर्णिम अध्याय का आरंभ हुआ।
  • कलाम ने नासा से रॉकेट प्रक्षेपण की तकनीक का प्रशिक्षण प्राप्त किया। भारत का पहला रॉकेट “नाईक अपाचे” छोड़ा।
  • इन्हें सैटेलाइट लॉन्चिंग व्हीकल परियोजना का प्रबंधक बनाया गया। इनके नेतृत्व में SLV-3 ने सफल उड़ान भरी जिसने रोहिणी उपग्रह अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया।
  • कलाम ने 1983 में पृथ्वी अग्नि त्रिशूल नाग और आकाश मिसाइलों का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया।
  • 1998 में पोखरण में किए गए परमाणु परीक्षण का नेतृत्व भी कलाम ने किया। मिसाइलों में महत्वपूर्ण योगदान के कारण इन्हें मिसाइल मैन भी कहा गया।
  • डॉ कलाम ने 2002 से 2007 तक भारत के राष्ट्रपति के रूप में सर्वोच्च संवैधानिक पद को सुशोभित किया।
  • भारत सरकार ने इन्हें पद्म भूषण(1981) पद्म विभूषण(1990) तथा भारत रत्न (1997) जैसे महत्वपूर्ण पुरस्कार से सम्मानित किया।
  • 27 जुलाई 2015 को IIM शिलांग में भाषण देते हुए इनकी ह्रदय गति रुक जाने से उनका निधन हो गया जो भारत के लिए ही नहीं अपितु संपूर्ण विश्व समुदाय के लिए एक अपूर्णीय क्षति हुई।

पंचानन माहेश्वरी ( Panchanan Maheshwari )

  • डॉ पंचानन माहेश्वरी भारतीय वनस्पति विज्ञानी थे। इनका जन्म 9 नवंबर 1904 को जयपुर में हुआ था डॉक्टर महेश्वरी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की और आगरा कॉलेज में अध्यापन कार्य आरंभ किया
  • इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद लखनऊ व ढाका विश्वविद्यालय में अध्यापन का कार्य किया।
  • डॉक्टर महेश्वरी ने पादप विज्ञान पर विशेष कार्य किया इन्होंने भूर्ण विज्ञान और पादप क्रिया विज्ञान के सम्मिश्रण से एक नई शाखा का विकास किया।
  • डॉक्टर माहेश्वरी ने अनेक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। टिशू कल्चर प्रयोगशाला की स्थापना तथा टेस्ट ट्यूब कल्चर पर शोध के लिए लंदन की रॉयल सोसाइटी ने उन्हें अपना फेलो बना कर सम्मानित किया।
  • 18 मई 1966 को दिल्ली में डॉक्टर माहेश्वरी का निधन हो गया।

डॉ. सलीम अली ( Dr. Salim Ali )

  • डॉक्टर सलीम अली मुंबई के एक सुलेमानी मुस्लिम परिवार में 12 नवंबर 1986 को हुआ। ये एक भारतीय पक्षी विज्ञानी और प्रकृतिवादी थे इन्हें भारत के “बर्ड मैन” के रूप में जाना जाता है।
  • 1976 में भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। इन्हीं के प्रयासों से “बाम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी” की स्थापना हुई।
  • इनका योगदान भरतपुर के केवलादेव पक्षी अभ्यारण और साइलेंट वैली राष्ट्रीय पार्क की स्थापना में रहा।
  • डॉक्टर सलीम अली की आत्मकथा “द फाल आँफ ए स्पेरो में अली ने पतली गर्दन वाली गौरैया की घटना को अपने जीवन का परिवर्तन क्षण माना। क्योंकि उन्हें पक्षी विज्ञान की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा वहीं से मिली थी।
  • सलीम अली ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय दिल्ली विश्वविद्यालय और आंध्र प्रदेश विश्वविद्यालय से मानक डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। लंबे समय से प्रोस्टेट कैंसर से जूझ रहे सलीम अली का निधन 1987 में हुआ।
  • 1990 में भारत सरकार द्वारा कोयंबटूर में सलीम अली सेंटर फोर आर्निथोलाजी एंड नेचुरल हिस्ट्री को स्थापित किया गया।

दोस्तों हमने इस लेख के माध्यम से भारतीय वैज्ञानिकों के नाम ( name of Indian scientists ) केे बारे में जाना और इनकेे द्वारा जो जो कार्य किए गए उनके बारे में ध्यान से अध्ययन किया। यदि आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हैं तो इसे अपने दोस्तों केेेेे साथ शेयर करें ।

Leave feedback about this

  • Quality
  • Price
  • Service

PROS

+
Add Field

CONS

+
Add Field
Choose Image
Choose Video