July 4, 2022
Alwar, Rajasthan, India
Computer

कंप्यूटर की पीढ़ियां ( generation of computer )

कंप्यूटर की पीढ़ियां ( generation of computer ) : – सन 1946 में प्रथम इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, वेक्यूम ट्यूब युक्त एनीएक कंप्यूटर की शुरुआत नें कंप्यूटर के विकास को एक आधार प्रदान किया कंप्यूटर के विकास के क्रम में कई महत्वपूर्ण डिवाइस से कंप्यूटर में आज तक की यात्रा तय की ! इस विकास के क्रम को हम कंप्यूटर में हुए मुख्य परिवर्तन के आधार पर कंप्यूटर को पांच पीढ़ियों में बांटते हैं !

इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर के विकास को प्रयुक्त प्रौद्योगिक के कालखंड आधार पर 5 पीढ़ियों में विभाजित किया जा सकता है ! प्रत्येक पीढ़ी समय की अवधि में तकनीकी विकास का प्रतिनिधित्व करती है ! प्रत्येक पीढ़ी के कंप्यूटर अपने से पिछली पीढ़ी के मुकाबले बेहतर, सस्ते, छोटे एवं अधिक शक्तिशाली वह तेज कुशल होते हैं आइए कंप्यूटर के पांच पीढ़ियों के बारे में जानते हैं !

कंप्यूटर की पीढ़िया (Generations Of Computer)

कंप्यूटर की पांच पीढ़िया ( generations) है

  1. प्रथम पीढ़ी (First Generation) (1946 – 1954) 
  2. द्वितीय पीढ़ी (Second Generation) (1955 – 1964) 
  3. तृतीय पीढ़ी (Third Generation) (1964 – 1971) 
  4. चतुर्थ पीढ़ी (Fourth Generation) (1971 – 1985) 
  5. पांचवी पीढ़ी(Fifth Generation) (1985 – present)

आइए जानते हैं कंप्यूटर की पीढिया ( Generation Of Computer )

कंप्यूटर के विकास के इतिहास को हम एक समय अंतराल में विकसित की गई नई तकनीक के आधार पर 5 पीढ़ियों में समझ सकते हैं । प्रत्येक पीढ़ी में कंप्यूटर के मूलभूत सिद्धांत व उसके किसी भाग में नई तकनीक के विकसित होने पर एक नई पीढ़ी की शुरुआत होती है । गणना कर के लिए बने पहले उपकरण से लेकर आधुनिक कंप्यूटर के आविष्कार तक का समय 5 भागों में विभाजित किया गया है जिनका वर्णन निम्न प्रकार है।

              प्रथम पीढ़ी ( First Generation ) 1946 – 1955

कंप्यूटर की प्रथम पीढ़ी की शुरुआत 1946 में हुई थी इस पीढ़ी के कंप्यूटर में आंतरिक मेमोरी के लिए वैक्यूम ट्यूब का प्रयोग किया जाता था । इनकी प्रोग्रामिंग बहुत कठिन थी तथा ये स्टोर प्रोग्राम के सिद्धांत पर कार्य करते थे । इस पीढ़ी का मुख्य कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक न्यूमेरिकल इंटीग्रटर एंड केलकुलेटर था जो एक्ट तथा मैक्ली के द्वारा 1946 में विकसित किया गया था ।

प्रथम पीढी के कंप्यूटर की विशेषताए

  • वैक्युम ट्यूब का इस्तेमाल।

  • बिजली की खपत करता था।

  • बहुत गर्मी उत्पन्न करता था।

  • आकर बहुत बड़ा और वजनी होता था।

  • मशीनी भाषा का इस्तेमाल हुआ था।

  • इनपुट और आउटपुट की तरह पंच कार्ड और पेपर टाइप का इस्तेमाल हुआ था।

पहली पीढ़ी में कई कंप्यूटरों का निर्माण हुआ था

  • ENIAC

  • EDVAC

  • EDSAC

  • UNIAC

  • IBM – 701

      द्वितीय पीढ़ी (  Second Generation ) 1956- 1965

द्वितीय पीढ़ी के कंप्यूटर्स में वैक्यूम ट्यूब के स्थान पर ट्रांजिस्टर का प्रयोग किया जाता था। इसका विकास जॉन बर्लिन और विलियम वी शौकलीय ने अमेरिका की वेल प्रयोगशाला में किया था इसी पीढ़ी के कंप्यूटर्स में प्राइमरी मैमोरी के लिए मैग्नेटिक कोर का प्रयोग किया जाता था। UNIVAC 1108 इस पीढ़ी का मुख्य कंप्यूटर था। इस काल में कंप्यूटर्स का प्रयोग व्यापार तथा उद्योग में किया जाने लगा।

द्वितीय पीढी की शिशेषताए

  • ट्रांजिस्टर का इस्तेमाल हुआ था।

  • मेमोरी के लिए फेराइट कोर और मैग्नेटिक डिस्क का इस्तेमाल हुआ था।

  • प्रथम पीढी की तुलना में बिजली की कम खपत होती थी।

  • FORTRAN और COBOL जैसी हाई लैंग्वेज का इस्तेमाल

द्वितीय पीढ़ी के कुछ कंप्यूटर थे जिसका नाम

  • IBM – 1620

  • IBM – 1401

  • Honeywell 400

  • CDC – 1604

तृतीय पीढ़ी ( Third Generation) 1966-1970

तृतीय पीढ़ी के कंप्यूटर में बहुत महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए थे। इस पीढ़ी के कंप्यूटर में आंतरिक कार्यों के लिए इंटीग्रेटेड सर्किट (IC) का प्रयोग किया गया था । ट्रांजिस्टर व कैपेस्टर आदि को मिलाकर एक चिप बनाई गई , जिसे इंटीग्रेटेड सर्किट कहां गया । यह इस पीढ़ी का महत्वपूर्ण आविष्कार था ।इंडिकेटेड सर्किट को प्रयोग में लेने के कारण कंप्यूटर आकार में छोटे , गति में काफी तेज तथा अधिक विश्वसनीय हो गए।

तृतीय पीढी की विशेषताए

  • IC (Integrated Circuit) का इस्तेमाल।

  • कीबोर्ड और माउस का इस्तेमाल

  • आकार में छोटे।

  • PASCAL और BASIC जैसी हाई लैंग्वेज का इस्तेमाल।

तृतीय पीढ़ी के कुछ कंप्यूटर थे जिसका नाम

  • IBM – 316

  • ICL – 1900

  • IBM – 370

  • PDP – 8

       चतुर्थ पीढ़ी (Fourth Generation) 1971-1985)

चतुर्थ पीढ़ी के कंप्यूटर्स में VLSI तथा माइक्रोचिप का प्रयोग किया जाने लगा ।इसका विकास सीपीयू के एक चप्पल डिजाइन होने पर संभव हुआ। इस कार्य को VLSI ने संभव बनाया था ।इंटेल कॉरपोरेशन ने 1971 में माइक्रोचिप का विकास किया तथा Ed Roberts द्वारा प्रथम माइक्रो कंप्यूटर डिजाइन किया गया था।

चतुर्थ पीढी की विशेषताए

  • माइक्रो प्रोसेसर का इस्तेमाल।

  • आकर म बहुत छोटे।

  • अधिक शक्तिशाली और विश्वसनीय।

  • Internet का इस्तेमाल।

  • हाई लैंग्वेज C, C++ का इस्तेमाल।

चतुर्थ पीढी के कुछ कंप्यूटर थे जिसका नाम

  • PDP -11

  • Apple – 11

  • VAX – 9000

  • CARY – 1

      पंचम पीढ़ी ( Fifth Generation) 1985 से अब तक

आज सभी क्षेत्रों में पंचम पीढ़ी के कंप्यूटर का ही प्रयोग किया जा रहा है । वैज्ञानिक कंप्यूटर्स में कृत्रिम बुद्धिमता का प्रयोग कर रहे हैं जिससे कंप्यूटर मानव की तरह सोच व समझ सके और कार्य कर सकें।

पांचवी पीढी की विशेषताए

  • Ulta Large Scale Integrated (ULSI) का इस्तेमाल।

  • वॉइस रिकोंनेशन, सेटेलाइट संचार आदि का विकास किया गया।

  • हाई लेवल लैंग्वेज JAVA, C, C++,. Net आदि का इस्तेमाल।

पांचवीं पीढ़ी के कुछ कंप्यूटर थे जिसका नाम

  • Ultra Book
  • Not Book
  • IBM
  • ओशियम

डाटा और सूचना  (Data & Information )

जब आप कंप्यूटर का विचार करते हैं ,तो आप शायद सिर्फ मॉनिटर या  कीबोर्ड के बारे में ही सोचते हैं ।लेकिन इसके अलावा कंप्यूटर में और भी बहुत कुछ होता है ।माइक्रो कंप्यूटर सूचना प्रणाली का एक अंग होता है ।सूचना प्रणाली के 5 भाग होते हैं। यह निम्न प्रकार हैं

1. यूज़र:   सूचना प्रणाली के 5 अंकों में से इस अंग को नजरअंदाज करना आसान है । सभी कंप्यूटर्स का संबंध किसी न किसी रूप में यूजर से ही होता है । कंप्यूटर्स लोगों  और यूजर्स की कार्य क्षमता को बढ़ाते है।

2.  प्रक्रिया:   जिन नियमों या निर्देशों का पालन करके लोग सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर एवं आंकड़ों का उपयोग करते हैं ,उन्हें प्रक्रिया ए कहते हैं । यह प्रक्रिया कंप्यूटर विशेषज्ञों के द्वारा पुस्तिकाओं के रूप में तैयार की जाती है ।सॉफ्टवेयर एवं हार्डवेयर बनाने वाली कंपनियां इन मैनुअल को अपने उत्पाद के साथ देते हैं ।यह मैनुअल छपे हुए या इलेक्ट्रॉनिक स्वरूप में हो सकते हैं।

3.  सॉफ्टवेयर :  यह एक प्रोग्राम होता है, जो कंप्यूटर को कार्य करने के लिए क्रमानुसार निर्देश देता रहता है ।प्रोग्राम या प्रोग्रामों के समूह को सॉफ्टवेयर कहते हैं । सॉफ्टवेयर का उद्देश्य आंकड़ा को सूचना में बदलता है

4.  हार्डवेयर : सूचना तैयार करने के लिए आंकड़ों को प्रोसेस करने वाले उपकरण हार्डवेयर के कहलाते हैं ।इसके अंतर्गत कीबोर्ड, माउस ,मॉनिटर ,सिस्टम यूनिट और अन्य उपकरण आते हैं । कंप्यूटर को हार्डवेयर सॉफ्टवेयर द्वारा ही नियंत्रित किया जाता है।

5.  आंकड़े : अन्य प्रोसेस तथ्य, जैसे टेक्स्ट ,संख्याएं, चित्र और आवाजों ,को आंकड़े कहते हैं । प्रोसेस किए गए आंकड़े सूचना प्रदान करते हैं।

आज लगभग तभी कंप्यूटर्स सूचना प्रणाली का एक अभिन्न अंग बन गए हैं । कनेक्टिविटी की मदद से विभिन्न कंप्यूटर आपस में जुड़ कर सूचनाओं का आदान प्रदान करते हैं। इंटरनेट कनेक्शन के साथ-साथ यह कनेक्शन टेलीफोन,  केबिल या हवा के माध्यम से होता है ।

कनेक्टिविटी की मदद से यूजर्स अपनी सूचना प्रणाली की क्षमता एवं उपयोगिता का अत्यधिक विस्तार कर सकते हैं । एक कुशल यूजर बनने के लिए आपको सूचना प्रौद्योगिकी के मूल तत्व के साथ-साथ सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर तथा आंकड़ों को समझना भी आवश्यक है।

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आपने क्या जाने:- इस पोस्ट मे हमने कंप्यूटर की पीढ़िया (Generations Of Computer) के बारे में जानकारी दी है। मे आशा करता हु के आप लोगो को यह पोस्ट पसंद आई होगी। इस पोस्ट को अपने दोस्तो को भी share करे ताकि अपने दोस्तो को भी कंप्यूटर की पीढ़िया की जानकारी मिल सके। 

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