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हिंदी Hindi

March 8, 2021

पक्ष किसे कहते हैं? भेद,उपभेद व उदाहरण

पक्ष

क्रिया के जिस रुप से क्रिया प्रक्रिया का बोध होता है उसे क्रिया का पक्ष कहते हैं क्रिया के दो पक्ष होते हैं।

पहली दृष्टि से हम देखते हैं कि क्रिया प्रक्रिया आरंभ होने वाली है अथवा आरंभ हो चुकी है अथवा वर्तमान में चालू है या चालू हो चुकी है

दूसरे दृष्टि में क्रिया प्रक्रिया को एक इकाई के रूप में देखते हैं

पक्ष किसे कहते

(1) (a) आरंभदयोतक पक्ष

इस पक्ष में क्रिया के आरंभ होने की स्थिति का बोध होता है आरंभदयोतक पक्ष कहलाता हैं।

उदाहरण अब राम खेलने लगा है।

अब वर्षा होने लगी …

March 4, 2021

अलंकार किसे कहते है? भेद,उपभेदे,उदाहरण

अलंकार का सामान्य अर्थ है आभूषण या गहना। जिस प्रकार आभूषण से शरीर की शोभा बढ़ती है, उसी प्रकार_अलंकार से काव्य की शोभ बढ़ती है। अलंकार_शब्द का अर्थ है– वह वस्तु जो सुन्दर बनाए या सुन्दर बनाने का साधन हो। साधारण बोलचाल मे आभूषण को अलंकार कहते हैं। जिस प्रकार आभूषण धारण करने से नारी के शरीर की शोभ बढ़ती है वैसे ही_अलंकार के प्रयोग से कविता की शोभा बढ़ती है।

अलंकार

अलंकार की विशेषताएं या लक्षण 

1. कथन के असाधारण या चमत्कार पूर्ण प्रकारों को_अलंकार कहते हैं।
2. शब्द और अर्थ का वैचित्र्य_अलंकार है।
3. काव्य की शोभा …

August 14, 2020

क्रिया क्या होती है व कितने प्रकार की होती है What Is Kriya???

क्रिया

क्रिया का अर्थ है करना

क्रिया के बिना कोई वाक्य पूर्ण नहीं होता किसी वाक्य में कर्ता कर्म तथा काल की जानकारी भी क्रियापद के माध्यम से ही होती है

तथा संस्कृत में क्रिया रूप को धातु कहते हैं जैसे :- खाना , नाचना , खेलना , पढना , मारना , पीना , जाना , सोना , लिखना , जागना , रहना , गाना , दौड़ना आदि।

धातु – हिंदीक्रिया पदों का मूल रूप ही धातु है धातु में ना जोड़ने से हिंदी के क्रियापद बनते हैं

परिभाषा – जिस शब्द से किसी कार्य के करने या होने का बोध …

August 14, 2020

Hindi alphabet | हिंदी वर्णमाला के बारे में जाने

हिंदी वर्णमाला|Hindi alphabet

भाषा की वह छोटी से छोटी इकाई जिसके टुकड़े नहीं किए जा सकते हो वर्ण कहलाते हैं वर्णों के मेल से शब्द बनते हैं शब्दों के मेल से वाक्य तथा वाक्यों के मेल से भाषा बनती है अतः वर्ण ही भाषा का मूल आधार है

हिंदी में वर्णों ( Hindi alphabet ) की संख्या 44 है मुंह से उच्चरित होने वाली ध्वनियों और लिखे जाने वाले इन वर्णो को दो भागों में बांटा जाता है
१- स्वर
२- व्यंजन

स्वर- जो बिना किसी स्वर (वर्ण)की सहायता के बोले जा सकते हैं वह स्वर कहलाते हैं यह …

August 14, 2020

Karak: कारक किसे कहते है? भेद, उपभेद, उदाहरण

Karak

Karak (कारक)

संज्ञा या सर्वनाम के जिस रुप से वाक्य के अन्य शब्दों के साथ उनका (संज्ञा या सर्वनाम का) संबंध सूचित हो उसे (उस रूप) को कारक कहते हैं।

अथवा

संज्ञा या सर्वनाम के जिस रुप से उनका (संज्ञा या सर्वनाम का) क्रिया से संबंध सूचित हो उसे कारक कहते हैं।

Karak के भेद

हिंदी में कारक आठ है और कारकों के बोध के लिए संज्ञा या सर्वनाम के आगे जो प्रत्येक चिन्ह लगाए जाते हैं उन्हें व्याकरण में विभक्तियां कहते हैं कुछ लोग इन्हें परसर्ग भी कहते हैं। लेखक कैसे बने शब्द रूप को …

August 8, 2020

Krishna Janmashtami 2020: History

Janmashtami 2020

Lord Krishna was born at midnight, hence devotees observe a fast and sing devotional songs for him as the clock strikes twelve.

As a part of the ritual, statues of baby Krishna are washed and placed for worship.

Devotees then break their fast and share food and sweets.

The birth of Lord Krishna, Janmashtami, is celebrated with pomp and fervour throughout India.

Devotees usually observe fasts, sing devotional songs in praise of the lord, participate in Dahi Handi celebrations,

hold ceremonies in temples where Lord Krishna is welcomed each year and more.

The largest celebration of this

August 8, 2020

Know about the history of Kedarnath ??

Giriraj is situated on the top of the Himalayas called Kedar, the highest Kedareswara Jyotirlinga among the twelve Jyotirlingas of the country. Kedarnath Dham and temple are surrounded by mountains on three sides. On one side there is about 22 thousand feet high Kedarnath, on the other side there is 21 thousand 600 feet high Khetkund and on the third side is 22 thousand 700 feet high Bharatkund.

Not only three mountains but also a confluence of five rivers is here – Mandakini, Madhuganga, Kshirganga, Saraswati and Swarnagouri. Some of these rivers no longer exist, but Mandakini, a tributary …

August 8, 2020

जानिए केदारनाथ के इतिहास के बारे में ??

गिरिराज हिमालय की केदार नामक चोटी पर स्थित है देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में सर्वोच्च केदारेश्वर ज्योतिर्लिंग। केदारनाथ धाम और मंदिर तीन तरफ पहाड़ों से घिरा है। एक तरफ है

करीब 22 हजार फुट ऊंचा केदारनाथ, दूसरी तरफ है 21 हजार 600 फुट ऊंचा खर्चकुंड और तीसरी तरफ है 22 हजार 700 फुट ऊंचा भरतकुंड।

न सिर्फ तीन पहाड़ बल्कि पांच ‍नदियों का संगम भी है यहां- मं‍दाकिनी, मधुगंगा, क्षीरगंगा, सरस्वती और स्वर्णगौरी।

इन नदियों में से कुछ का अब अस्तित्व नहीं रहा लेकिन अलकनंदा की सहायक मंदाकिनी आज भी मौजूद है। इसी के किनारे है केदारेश्वर धाम।

यहां …

August 8, 2020

The philosophy of Mahakaleshwar mahakal Jyotirlinga?

If you are going to visit Baba Mahakaleshwar, one of the 12 Jyotirlingas built in the 6th century BCE, located near the holy Salila Shipra beach in Ujjain, the pilgrimage of Madhya Pradesh, then know something important.

* Kaal has two meanings – time and death. Mahakal is called ‘Mahakal’ because in ancient times, the standard time of the entire world was determined from here.

That is why this Jyotirlinga is named ‘Mahakaleshwar’. According to the legend, the establishment of this Shivling is associated with the legend of King Chandrasen and Gop-Balak.

Alusubah Bhasma Aarti is performed daily during the …

August 8, 2020

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के महत्व क्या क्या है जाने ?

यदि आप मध्यप्रदेश की तीर्थनगरी उज्जैन में पुण्य सलिला शिप्रा तट के निकट स्थित 6ठी शताब्दी ईसा पूर्व में निर्मित 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा महाकालेश्वर के दर्शन करने जा रहे हैं तो कुछ जरूरी बात अवश्य जान लें।  

*काल के दो अर्थ होते हैं- एक समय और दूसरा मृत्यु। महाकाल को ‘महाकाल’ इसलिए कहा जाता है कि प्राचीन समय में यहीं से संपूर्ण विश्व का मानक समय निर्धारित होता था

इसीलिए इस ज्योतिर्लिंग का नाम ‘महाकालेश्वर’ रखा गया है। पौराणिक कथा के अनुसार इस शिवलिंग की स्थापना राजा चन्द्रसेन और गोप-बालक की कथा से जुड़ी है।

कालों के …