Noun: संज्ञा किसे कहते है? इसके भेद, उपभेद, उदाहरण

हेलो दोस्तो नमस्कार हमने इस बार तीनों Noun और उसके प्रकार पूरे लिख दिए हैं कृपया इसे अंत तक पढ़े

Noun (संज्ञा)

इसका शाब्दिक अर्थ होता है नाम

नाम का दूसरा नाम संज्ञा है

किसी व्यक्ति वस्तु स्थान पदार्थ अर्थात भाव के नाम को संज्ञा कहा जाता है

उदाहरण सोहन गीता पंखा पेड़ आम आदि

संज्ञा (Noun) तीन प्रकार की होती हैLearn about noun

1 व्यक्तिवाचक संज्ञा Noun

जिस संज्ञा (Noun) के माध्यम से व्यक्ति विशेष के नाम का बोध होता है उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं

उदाहरण राम सीमा नरेश आदि

पहचान कैसे करें

1 मार्गों के नाम — विकास पथ … Read the rest

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ग़ुलाम वंश में कुतुबुद्दीन ऐबक के बारे में पूरी जानकारी भाग – 1

1 कुतुबुद्दीन ऐबक 1206-1210

दिल्ली सल्तनत ग़ुलाम वंश के शासकों के लिए मामलुक शब्द का प्रयोग किया गया है

मामलुक से तात्पर्य ऐसे गुलाम शासक जो स्वतंत्र माता-पिता से उत्पन्न हुए दिल्ली सल्तनत ग़ुलाम वंश का संस्थापक कुतुबुद्दीन ऐबक को माना जाता है

ऐबक तुर्की भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है चंद्रमा का देवता

उपाधि (Tital)

1 क़ुरान खावा

2 लाख बख्श

3 पिल बख्श

ऐबक ने लाहौर को अपनी राजधानी के रूप में स्थापित किया था ऐबक के द्वारा सुल्तान की उपाधि नहीं ली गई उसके स्थान पर मलिक व सिपहसालार की उपाधि ली गई ऐबक ने … Read the rest

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हर्यक वंश व विदेशी आक्रमण कब कब हुए??

हर्यक वंश और विदेशी आक्रमण

हर्यक वंश 544-412 ईसा पूर्व तक रहा

राजधानी — गिरिव्रज

बिंबिसार को हर्यक वंश का

संस्थापक माना जाता है

बिंबिसार के काल में अवंतिका शासक

चंड प्रद्योत था

बिंबिसार ने अपने राज वैद्य जीवक को चंड प्रद्योत के दरबार में भेजा था

बिंबिसार की हत्या उसके पुत्र अजातशत्रु के द्वारा की गई

अजातशत्रु के काल में पहली बौद्ध संगीति का आयोजन किया गया

अजातशत्रु की हत्या उसके पुत्र उद यीनी ने कि

उदयिन ने गंगा व सोन नदी के संगम पर पाटलिपुत्र की स्थापना की थी

शिशुनाग वंश 412-344 BC

से सुना को इस वंश … Read the rest

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जैन धर्म क्या होता हें व् इसके बारे में जाने ?

जैन जिन शब्द से बना है जिसका अर्थ है इंद्रियों पर नियंत्रण करना

तीर्थंकर

तीर्थंकर से तात्पर्य है ऐसा व्यक्ति जो अपने ज्ञान के माध्यम से मानव को

इस संसार रूपी भवसागर से पार करने में मदद करें

कुल तीर्थंकर 24 माने गए हैं

1 ऋषभदेव

2 (22) अरिष्ट नेमी

3 (23) पार्श्वनाथ

महावीर स्वामी

महावीर

स्वामी की फोटो http://www.goldenclasses.com/जैन-धर्म/

चार महाव्रत

1 सत्य

2 अहिंसा

3 अस्तेय — चोरी नहीं करना

4 अपरिग्रह — जरूरत से ज्यादा संग्रह नहीं करना

महावीर स्वामी के द्वारा पांचवा महाव्रत ब्रह्मचर्य जोड़ा गया

महावीर स्वामी

जन्म – 540 ईसा पूर्व

स्थान – … Read the rest

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वैदिक सभ्यता 1500-600BC भाग – 3

वैदिक सभ्यता कि सामाजिक न्याय व्यवस्था

रिग वैदिक काल में राजा न्याय का प्रमुख होता था

छोटे स्तर पर होने वाले विवादों का निपटारा मध्यस्थ के द्वारा किया जाता था

रिग वैदिक काल में गाय को सबसे प्रमुख वस्तु माना गया है

पुलिस कर्मचारियों के लिए उम्र व न्यायाधीश के लिए प्रश्न विनायक शब्द का प्रयोग किया गया है

अपराधियों के लिए जीवगर्व शब्द का प्रयोग किया गया है

सामाजिक व्यवस्था

रिग वैदिक कालीन समाज पितृसत्तात्मक थे परिवार के मुखिया को ग्रहपति कहा जाता था

संयुक्त परिवार की प्रथा मौजूद थी विवाह को एक संस्कार माना गय

विवाह के प्रकारRead the rest

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वैदिक सभ्यता ( Vedic period) 1500-600BC भाग – 2

वैदिक सभ्यता की राजनीतिक व्यवस्था

रिग वैदिक कालीन राजनीतिक जीवन कबीलाई पद्धति पर आधारित तथा

इस समय प्रमुख रूप से पांच काबिले ते जिन्हें पंचजन्य कहा गया है जो निम्नलिखित हैं

1 अनु

2 धुह

3 यदु

4 तुर्वस

5 पुरू

राजनीतिक इकाई

1 परिवार

2 ग्राम

3 जन

4 जनपद

5 महाजनपद

6 साम्राज्य

कबीले के प्रमुख को जन्नस्य गोप कहा गया है जन्नस्य गोप युद्ध का स्वामी होता था

इस समय राजा पर नियंत्रण रखने के लिए सभा समिति विधत गण जैसी राजनीतिक इकाइयां मौजूद थी

नाम ऋग्वेद में उल्लेख

इंद्र 250

अग्नि। 200

गाय 176

सभा। 8… Read the rest

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वैदिक सभ्यता (Vedic period) 1500-600BC भाग – 1

वैदिक वेद से बना है जिसका अर्थ है ज्ञान वेद को अपोरुस्य कहा जाता है

क्योंकि ऐसा माना जाता है कि वेदों की रचना मानव के द्वारा नहीं की गई है

वैदिक सभ्यता के निवासी आर्य के लाए आर्य शब्द से तात्पर्य है श्रेष्ठ अभी जाते और कुलीन

आर्य जाति का सूचक नहीं है आर्यों की भाषा संस्कृति आर्यों को लिपि का ज्ञान नहीं था

आर्यों ने सुनकर अपने ज्ञान को आगे बढ़ाया इसलिए वैदिक साहित्य को श्रुति साहित्य भी कहा जाता है

बोगाज़कोई अभिलेख (1400) BC

वर्तमान तुर्की से प्राप्त इस अभिलेख से रिग वैदिक कालीन 4 देवताओं के … Read the rest

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मज़दूर दिवस मनाने का क्या कारण है?

अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस या मई दिन मनाने की शुरूआत 1 मई 1886 से मानी जाती है ।

जब अमेरिका की मज़दूर यूनियनों नें काम का समय श्रमिक

8 घंटे से ज़्यादा न रखे जाने के लिए हड़ताल की थी। श्रमिक

मौजूदा समय भारत और अन्य मुल्कों में मज़दूरों( श्रमिक ) के 8 घंटे काम करने से संबंधित क़ानून लागू है।

यह 1मई को लगभग 80 देशों में मनाया जाता हैं|

मजदूरों( श्रमिक ) द्वारा की गयी कड़ी मेहनत का सम्मान करने के

साथ-साथ श्रमिकों के अधिकारों के लिए लड़ने वालों को सम्मान देने के लिए Labour Day (मजदूर दिवस) … Read the rest

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चन्हूदड़ो से लिपिस्टिक के साक्ष्य मिले है

चन्हूदड़ो व् धोलावीरा सभ्यता

पाकिस्तान में सिंधु नदी के किनारे विकसित इस स्थल की खोज 1931 में एनजी मजूमदार के द्वारा की गई

चन्हूदरो एक औद्योगिक नगरी थी

अर्नेस्टमेके ने यहां से मनके बनाने का कारखाना खोजा था

चन्हूदड़ो से लिपिस्टिक के साक्ष्य मिले है

चन्हूदड़ो से प्राप्त एक इट से बिल्ली व कुता के पैर के निशान प्राप्त हुए है

धोलावीरा सभ्यता

1967 में जगपति जोशी के द्वारा इस स्थान की खोज की गई

R S विस्त के द्वारा यहां खुदाई का कार्य करवाया गया

धोलावीरा का शाब्दिक अर्थ — सफेद कुआं

धोलावीरा से 3 टीलों के साक्ष्य मिले … Read the rest

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कालीबंगा और मोहनजोदड़ो सभ्यता क्या हें ?

कालीबंगा और मोहनजोदड़ो सभ्यता

अन्य नाम

1 दीन हीन बस्ती(कच्ची इटो से निर्मित मकान)

2 काली चूड़ियां

स्थिति– हनुमानगढ़ राजस्थान घग्गर नदी के किनारे

जानकारी– एल पी तेसितोरी

खोजकर्ता –अमला नंद घोष 1952

उत्खनन कर्ता –बृजवासी लाल और बालकृष्ण थापर 1961

कालीबंगा से त्रिस्तरीय संस्कृति के साक्ष्य मिले हैं

1 प्रागैतिहासिक काल

2 आध ऐतिहासिक काल

3 ऐतिहासिक काल

साक्ष्य

1 जूते हुए खेत के साक्ष्य

2 अग्नि वेदिका के साक्ष्य

3 खोपड़ी की शल्य चिकित्सा के साक्ष्य

4 भूकम के

कालीबंगा में सड़कें एक दूसरे को समकोण पर काटती हुई बनाई गई जिसे ऑक्सफोर्ड या ग्रेड प्रणाली कहा गया … Read the rest

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