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May 25, 2020

Rajasthan Police SI Cut Off & Marks 2018-19 ?

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Rajasthan Police SI Cut Off Marks 2018

Will Soon Announce the Result of Physical Exam of Sub-Inspector (SI) and Platoon Commander Posts…. Candidates Can Check Result from Below Link

About Recruitment & Advt. No. – 05/SI-PC/परीक्षा/2016-17

RPSC

has recently re-announced the recruitment of Various 330 Posts of Sub-Inspector (SI) and Platoon Commander on behalf of Rajasthan Police. Many Interested & Eligible Aspirates Filled there Online Application form for these Posts. The Process of Submitting Online Application is Started from the Date 07.06.2016 and Conducted till the Date 24.05.2018.

More Details About the Recruitment & Applying Procedure is Provided Below.

About Exam

All the Eligible Candidates Face the Exam on the Date 07.10.2018 for the Posts of Sub-Inspector and Platoon Commander. The Exam was Written Objective Type. The Written Exam was Divided into Two Paper and Each Paper was of Total 200 Marks. The Time Duration for the Written Exam was 02:00 Hours. The Question Paper Was Bilingual i.e. Hindi & English. More Details About the Exam is Provided Below.

Selection Process

  1. First Stage – Written Exam
  2. Second Stage – Physical Exam and Interview.

Cut Off Marks

Rajasthan PSC has not Provided any Cut Off Marks Yet for the Sub Inspector & and Platoon Commander Posts. Soon the Official Department Will Provide the Cut Off Marks & Merit List. Here We are Providing the Expected Cut Off Marks for all the Candidates Based on the Difficulty Level of Questions Paper. Candidates Will be able to Check Category-wise Expected Cut Off Marks from the http://Below Table.

RPSC

Important Link Area

Result
Answer Key
Admit Card
Syllabus Exam Pattern
Recruitment Details
Official Websitehttps://rpsc.rajasthan.gov.in/

All the Candidates who have Any Query Or suggestion  Can Drop In comment Box. Our Expert Panel will try to assist you.

May 12, 2020

नर्स दिवस क्यो मनाया जाता है? Why is nurses day celebrated?

फ्लोरेंस नाइटिंगेल

आधुनिक उनकी फाउंडर फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म इटली के फ्लोरेंस में हुआ वे गणित और डाटा में जीनियस थी इस खूबी का इस्तेमाल उन्होंने अस्पतालों और लोगों की सेहत सुधारने में किया।

फ्लोरेंस ने जब पहली बार नर्सिंग में जाने की इच्छा जाहिर की तो माता-पिता तैयार नहीं हुए बाद में उनकी जिद के आगे झुके और ट्रेनिंग के लिए जर्मनी भेजा 1853 में क्रीमिया युद्ध के दौरान उन्हें तुर्की के सामने हॉस्पिटल भेजा गया यह पहला मौका था।

जब ब्रिटेन ने महिलाओं को सेना में शामिल किया था जब बराक अस्पताल पहुंची तो देखा कि फर्श पर गंदगी की मोटी परत भी है।

सबसे पहला काम उन्होंने पूरे अस्पताल को साफ करने का किया सैनिकों के लिए अच्छे खाने और साफ कपड़ों की व्यवस्था की यह पहली बार था।

कि सैनिकों को इतना ध्यान दिया गया उनकी मांग पर बनी जांच कमेटी ने पाया कि तुर्की में 18000 सैनिकों में से 16000 की मौत गंदगी और संक्रामक बीमारियों से हुई थी।

फ्लोरेंस की कोशिशों से ही ब्रिटेन सेना में मेडिकल सेंटर सांख्यिकी विभाग अस्पतालों में साफ सफाई का चलन इन्ही की देन है।

फ्लोरेंस

इस अस्पताल में नाइट शिफ्ट में वे मशाल थामकर मरीजों की सेवा करती थी इसलिए ”द लेडी विद द लैंप” के नाम से मशहूर हुई।

आज भी उनके सम्मान में नरसिंह की शपथ हाथों में लैंप लेकर ली जाती है इसे नाइटिंगेल प्लीज कहते हैं

1860 में उनके नाम पर ब्रिटेन में नर्सिंग स्कूल की स्थापना हुई ।

1910 में फ्लोरेंस 90 साल की उम्र में उनका निधन हुआ वह ऑर्डर ऑफ मेरिट सम्मान पाने वाली पहली महिला थी

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भी जान सके नर्स दिवस अर्थात सिस्टर क्यों मनाया जाता है १ २ ३ ४

May 9, 2020

मजदूरों के ऊपर (majdhuro)आज भी बुरी खबर??

मजदूरों की स्थिति

मध्यप्रदेश के 16 मज़दूर मालगाड़ी से कट कर मरे,थक कर सो गए थे पटरी पर

जालना से औरंगाबाद जा रहे 16 मज़दूर मालगाड़ी से कट कर मर गए। एक घायल है। ये लोग पटरियों पर चलते हुए औरंगाबाद जा रहे थे। 36 किमी पैदल चलने के बाद उन्हें नींद आने लगी। थकान ज़्यादा हो गई।

लिहाज़ा पटरी पर ही सो गए। इतनी गहरी नींद में चले गए कि होश भी न रहा और उनके ऊपर से ट्रेन गुजर गई। मज़दूर मध्यप्रदेश के शहडोल और उमरिया के हैं।

मज़दूरों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। वे पैदल चल रहे हैं। उनके पांवों में छाले पड़ गए हैं। बहुत से मजदूर रेल की पटरियों के किनारे किनारे चल रहे हैं ताकि घर तक पहुंचने का कोई सीधा रास्ता मिल जाए। मज़दूर न तो ट्विटर पर है।

न फेसबुक पर और न न्यूज़ चैनलों पर है। वरना वो देखता कि उन्हें लेकर समाज कितना असंवेदनशील हो चुका है। सरकार तो खैर संवेदनशीलता की खान है।

लखनऊ से भी खबर है। जानकीपुरम में रहने वाला एक मज़दूर परिवार साइकिल से निकला था। छत्तीसगढ़ जा रहा था।

शहर की सीमा पर किसी ने टक्कर मार दी। माता पिता की मौत हो गई। दो बच्चे हैं। अब उनका कोई नहीं है।

दुःखद

लखनऊ से अपने गाँव छत्तीसगढ़ जाने के लिये साइकिल से निकले मजदूरों पति-पत्नी और उनके दो मासूम बच्चो को शहीद पथ पर गाड़ी ने रौंदा,पति-पत्नी की मृत्यु दोनो बच्चे हॉस्पिटल में भर्ती !!

लगातार हादसों का शिकार हो रहे हैं मजदूर इनकी सुरक्षा का कब होगा इंतजाम,कौन होगा जिम्मेदार..?

मजदूरों

१ 2 3 4 5 6 7 8 9 0

0 9 8 7 6 5 4 3 2 1

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Q w e r t y u I I o p a s d f g h j k l

May 5, 2020

IGNOU decides to postpone June, 2020 Term End Exam

IGNOU

decides to postpone June, 2020 Term End Exam: New Schedule to be announced later


The Indira Gandhi National Open University has decided to postpone the June, 2020 Term End
Examinations, which were originally scheduled from 1st June 2020, in the wake of the lock-down due to
COVID-19.

The new revised set of dates for Exams will be decided later taking cognizance of the
situation and the students will be informed at least 15 days in advance, informed Prof. Nageshwar Rao,
VC IGNOU.
He also informed that in order to provide sufficient time to learners, the dates of submission of
assignments, Exam form submission, and Re-admission have already been extended by the university


upto 31st May 2020 keeping in view the issues faced by the learners due to the continuous lockdown.
Assuring the students who have to submit Project Reports as part of the evaluation process in some


subjects, Prof Rao informed that Project submission

ignou ignou

process has also been made online for which

guidelines will be issued by

the University separately. In respect of the programmes requiring fieldwork
and collection of primary data, exploration and analysis of secondary research data would be allowed in
lieu of field work, added Prof Nageshwar Rao.
Prof. Rao will also be addressing students tomorrow at 10.00 am (5
th May 2020) through Facebook Live
Session on IGNOU’s Official Facebook page (@OfficialPageIGNOU).
The revised dates for assignment submission, Exam form submission, and Re-admission, which can also
be accessed at IGNOU’S website;

http://www.ignou.ac.in are as under:

  • Date of Submission of Term End Examinations “Forms- upto 31st May, 2020”
  • #Assignment
  • Date of, Re-admission- upto 31st May, 2020
    IGNOU has been using the social media and its wide network channels comprising of FM Radio & TV
    channels, Gyan Vani and Gyan Darshan to provide support services to the students. The University also
    has been conducting online classes using video-conferencing platforms apart from Self Learning Material
    in printed and digital forms, multimedia material as well as offering online certificate courses to learners
    through SWAYAM portal of MHRD.

May 3, 2020

कोरोना covid 19 से हमने क्या पाया-क्या खोया-?

कोरोना से लाभ

बीते 40 दिनों से हम लोग डाउन में हैं हमने महसूस किया है कि इन दिनों आबोहवा साफ हुई है।

वातावरण अपेक्षाकृत रूप से बेहतर हुआ हैl

यह वक्त अवलोकन का है यह बात बिल्कुल सही है कि सिर्फ पर्यावरण की फिक्र करके किसी देश की अर्थव्यवस्था नहीं चलती।

हमने इस लोक डाउन में गंगा वह यमुना को काफी हद तक साफ देखा है।

इन नदियों पर भारत सरकार व राज्य सरकारों ने काफी करोड रुपए खर्च किए लेकिन रत्ती भर भी फर्क नहीं पड़ा इस COVID की वजह से सभी फैक्ट्रियां बंद है।

कारण गंगा व यमुना अपने वास्तविक रूप में आ रही है आज उन्हें देखने पर साफ पानी वे उन में खेलती हुई मछलियां आंखों से दिखती हैं हमें ऐसा करने की जरूरत भी नहीं है।

किसी भी चीज़ में अतिवाद नहीं चलता फिर चाहे बात पर्यावरण की हो

या विकास की पर्यावरण संरक्षण के नाम पर हम दशकों पुरानी परिस्थितियों की कल्पना भी नहीं करते हैं।

लेकिन विकास भी अंधाधुंध नहीं चाहते कि हमारे अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगे आखिर हम रोबोट तो है नहीं

जिसे हवा पानी भोजन की जरूरत इन्हें हो यह वक्त है।

कि पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन की बहस शुरू हो और हम अपनी नीतियों पर विचार करें

कोरोना से हानि

बीते 40 दिनों से हम लोग डाउन में हैं

इस कारण से तमाम फैक्ट्रियां कल कारखाने आदि बंद हो चुके हैं।

उनकी वजह से मजदूरों को पैदल ही अपने घर की ओर पलायन होना पड़ा।

उनके आगे सबसे बड़ी समस्या भोजन की वह रहने की क्योंकि वह रोज कमाते रोज खाते आज हमें पता चला है।

कि हमारे चिकित्सालय किस हालत में है जो चिकित्सालय मरीजों को चिकित्सा उपलब्ध कराता है उसे ही आज बीमार है।

देश में COVID से लोग इतने नहीं मरे जितने हर दिन भूख से मर जाते हैं।

इसका इलाज है फिर भी सरकारी ध्यान नहीं देती

कोरोना वायरस कोरोना वायरस http://कोरोना-covid-19-से-हमने-क्या-पाया

COVID-में क्या-करें?

COVID वायरस के परिचय पर मैं एक बड़ा-सबक मिला है अपनी साफ-सफाई और

किसी भी बीमारी के प्रति सजग होने का इसका मतलब है लोग पर्याप्त दूरी से मिल रहे हैं।

हाथ नहीं मिला रहे हैं और समय-समय पर हाथ धो रहे हैं एक वह लोग थे

जो अपनी साफ-सफाई के प्रति बहुत सजग थे।

लेकिन ऐसे लोग मुट्ठी भर थे एक तिहाई लोग थोड़े सजग थे लेकिन कई बार थोड़ी लापरवाही कर रहे थे।

एक बड़ा हिस्सा उन लोगों का था जो खुद की साफ सफाई नहीं अपने

आसपास के साफ-सफाई को लेकर भी बहुत लापरवाह थे।

लेकिन COVID काल में पहली और दूसरी तरह के लोगों की संख्या में इजाफा हुआ है।

तीसरी श्रेणी के लोग गायब हो गए हैं इसलिए बार बार हाथ धोए घर से महत्वपूर्ण काम होने पर ही निकले

http://www.goldenclasses.com/%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%9a-%e0%a4%ae%e0%a4%b9/ के बारे में जाने के लिए यहा पर click करे

जय हिंद जय भारत Keyphrase: covid

May 2, 2020

माउंट एवरेस्ट को तीसरी बार नापेगा चाइना?

1975 व 2005 में नापा जा चुका है एवरेस्ट

लोक डाउन के कारण दुनिया के सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट खाली पड़ी है। इसका फायदा उठाते हुए चीन 45 साल में तीसरी बार इसकी ऊंचाई नापेगा।

चीन ने गुरुवार को 53 वैज्ञानिकों की टीम भी भेज दी है चीन 6 बार सर्वेक्षण की कोशिश कर चुका है लेकिन दो बार सफल हो पाया।

1 पहली बार 1975 में तब ऊंचाई 8848.13 मीटर निकली था

2 दूसरी बार 2005 में तब ऊंचाई 8844.43 मीटर दर्ज की गई थी।

6500 मीटर ऊंचाई पर 5G नेटवर्क शुरू

पर्वतारोही अब माउंट एवरेस्ट पर भी हाई स्पीड 5G नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकेंगे।

चीन ने गुरुवार को अपनी तरफ के हिस्से में बस स्टेशन से इस सुविधा को शुरू किया है।

शिन्हुआ के मुताबिक 6500 मीटर की ऊंचाई पर बना बेस स्टेशन भी शुरू हो गया है।

इसका निर्माण सरकारी टेलीकॉम कंपनी चाइना मोबाइल ने किया है।

अब क्षेत्र के पर्यावरण की निगरानी आसान हो जाएगी पर्वतारोही लाइव स्ट्रीमिंग भी कर सकेंगे।

चीन की नौसेना ने जंगी जहाज खदेड़ा तो अमेरिका ने भेज दिए बमवर्षक विमान

वैश्विक महामारी के बीच चीन की नौसेना ने दावा किया है कि उसने साउथ चाइना से अमेरिका के एक जंगली जहाज को अपने इलाके से खदेड़ दिया है। हालांकि, अमेरिका ने चीन के इस दावे का खंडन किया और अपने #बमवर्षक विमानों को साउथ चाइना सी में गश्त के लिए भेज दिए हैं।चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के प्रवक्ता सीनियर कर्नल लीहुआमिन ने कहा कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों की धज्जियां उड़ाई हैं। अमेरिका ने सुरक्षा हितों का गंभीर उल्लंघन किया है। इससे हमारी सुरक्षा को खतरा बढ़ गया है जिससे कोरोना के खिलाफ वैश्विक लड़ाई कमजोर होगी।http://पर्वतारोही लाइव स्ट्रीमिंग

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April 30, 2020

श्रमिक दिवस मनाने का क्या कारण हें ?

अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस या मई दिन मनाने की शुरूआत 1 मई 1886 से मानी जाती है

जब अमेरिका की मज़दूर यूनियनों नें काम का समय श्रमिक

8 घंटे से ज़्यादा न रखे जाने के लिए हड़ताल की थी। श्रमिक

मौजूदा समय भारत और अन्य मुल्कों में मज़दूरों( श्रमिक ) के 8 घंटे काम करने से संबंधित क़ानून लागू है।

यह 1मई को लगभग 80 देशों में मनाया जाता हैं|

मजदूरों( श्रमिक ) द्वारा की गयी कड़ी मेहनत का सम्मान करने के

साथ-साथ श्रमिकों के अधिकारों के लिए लड़ने वालों को सम्मान देने के लिए Labour Day (मजदूर दिवस) मनाया जाता हैं|

तो आइए जानते हैं Labour Day (मजदूर दिवस)

पर उन महान पुरुषों के अनमोल विचारों को जो कुछ इस प्रकार हैं-

अनमोल विचार-1

परिश्रम के बिना कुछ भी फलता-फूलता नहीं हैं|

सोफोक्लास

अनमोल विचार-2

काम पर बुरा एक दिन नरक में एक अच्छे दिन की तुलना में बेहतर हैं|

स्कॉट जॉनसन

अनमोल विचार-3

आदमी कुछ  ऐसा बना हैं कि उसे एक काम से आराम सिर्फ दूसरे काम को करके मिलता हैं|

अनातोले फ्रांस

अनमोल विचार- 4

हर एक काम को जो मानवता को ऊपर ले जाने का काम करता हैं,उसमें गरिमा एवं महत्तवता होती हैं

और उसे श्रमसाध्य उत्कृष्टता के साथ किया जाना चाहिए|

मार्टिन लूथर किंग

अनमोल विचार-5

परिश्रम के प्रार्थना हैं जिसका उत्तर प्रकृति देती हैं|

रोबर्ट ग्रीन इंगरसोल

अनमोल विचार- 6

भगवान परिश्रम की कीमत पर हमें सभी चीजों को बेचता हैं|

लियोनार्डो डा विंसी

अनमोल विचार- 7

यदि कोई कहता हैं कि वो अमेरिका से प्यार करता हैं

पर उसे काम करने से नफरत हैं तो वो झूठा हैं|
यदि कोई कहता हैं कि वो अमेरिका पर भरोसा करता हैं तो वो बेवकूफ हैं|

अब्राहम लिंकन

अनमोल विचार-9

श्रम का अंत फुर्सत के पल पाना हैं|

अरस्तु

यह 1मई को लगभग 80 देशों में मनाया जाता हैं| मजदूरों द्वारा की गयी कड़ी मेहनत का सम्मान करने के