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Ancient History

September 9, 2020

सिकन्दर का भारत अभियान Sikandar India Campaign

सिकन्दर का भारत अभियान

सिकन्दर का भारत अभियान

सिकंदर का जन्म 356 ईस्वी पूर्व में मेसोडोनिया(मकदूनिया) के शासक फिलिप के घर हुआ था मेसोडोनिया(मकदूनिया) के क्षत्रप फिलिप द्वितीय का लड़का तथा अरस्तू का शिष्य सिकन्दर महान ने अपनी विश्व विजय के लिए रणनीति के तहत 20 वर्ष की अल्पायु में ईरान विजय के लिए 330 ईसा पूर्व में निकला और 327 ईसा पूर्व पूर्वी ईरान पर कब्जा कर लिया ।

पूर्वी ईरान को जीतने के बाद सिकन्दर ने अफगानिस्तान पर चढ़ाई की और उसे जीता तथा कंधार में सिकन्दरिया नामक नगर की स्थापना की । अगले वर्ष अपनी विशाल सेना …

September 8, 2020

प्राचीन भारतीय संस्कृति के लक्षण Ancient Indian Culture

प्राचीन भारतीय संस्कृति के लक्षण

प्राचीन भारतीय

भारतीय संस्कृति विश्व के इतिहास में कई दृष्टियों से विशेष महत्त्व रखती है। यह संसार की प्राचीनतम संस्कृतियों में से एक है। भारतीय संस्कृति कर्म प्रधान संस्कृति है। मोहनजोदड़ो की खुदाई के बाद से यह मिस्र, मेसोपोटेमिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं के समकालीन समझी जाने लगी है।प्राचीनता के साथ इसकी दूसरी विशेषता अमरता है। चीनी संस्कृति के अतिरिक्त पुरानी दुनिया की अन्य सभी – मेसोपोटेमिया की सुमेरियन, असीरियन, बेबीलोनियन और खाल्दी प्रभृति तथा मिस्र ईरान, यूनान और रोम की-संस्कृतियाँ काल के कराल गाल में समा चुकी हैं,

कुछ ध्वंसावशेष ही उनकी गौरव-गाथा गाने …

September 8, 2020

पुराण सम्प्रदाय Puran Sampradayon

पुराण सम्प्रदाय

पुराण सम्प्रदाय

पुराण सरल एवं व्यवहारिक भाषा में लिखे गए जनता के ग्रंथ है जिसमें प्राचीन ज्ञान -विज्ञान, पशु-पक्षी, वनस्पति विज्ञान, आयुर्वेद इत्यादि का विस्तृत वर्णन मिलता है। पुराण का शाब्दिक अर्थ है “प्राचीन आख्यान”, इसके अंतर्गत प्राचीन शासकों की वंशावलियाँ पाते हैं, जिसके संकलनकर्ता “महर्षि लोमहर्ष” अथवा उनके सुपुत्र “उग्रश्रवा” माने जाते हैं।

पांचवीं से चौथी शताब्दी ई.पू. में पुराण ग्रंथ अस्तित्व में आ चुके थे। वर्तमान पुराण गुप्त काल के आसपास के है। मुख्य पुराणों की संख्या-18 है-


1.मत्स्य पुराण
2.मार्कण्डेय पुराण
3.भविष्य पुराण
4.भागवत पुराण
5. ब्रह्मांड पुराण
6.ब्रह्मावैवर्त पुराण
7. ब्रह्मा पुराण
8. वामन

September 8, 2020

प्राचीन सभ्यताये- नील, ग्रीक, रोम ओर चीन Ancient Civilizations

मिश्र की प्राचीन सभ्यता (Ancient civilization of Misra )

नील

मिश्र की प्राचीन सभ्यता का उद्भव एवं विकास नील नदी की घाटी में हुआ था। मिश्र अफ्रीका महाद्विप के उत्तर-पश्चिम में नील नदी द्वारा सिंचित एक देश है।इसे “नील नदी का वरदान”कहते है। मिश्र में राजनितिक एकता का प्रादुर्भाव “मिनीज” नामक राजा ने किया था। मिश्र के समाज में शासक को सर्वोच्च स्थान प्राप्त था।यहाँ शासक को “फ़रोहा” कहा जाता था।

मिश्र का समाज मुख्य रूप से तीन वर्गों में विभक्त था-:

  1. कुलीन वर्ग
  2. मध्यम वर्ग
  3. निम्न वर्ग

मिश्र के समाज की इकाई परिवार था,जिसमें माता-पिता,भाई-बहिन,पुत्र-पुत्री आदि एक साथ …

August 15, 2020

प्राचीन भारतीय वैज्ञानिक Ancient Indian Scientist

प्राचीन भारतीय वैज्ञानिक

Aryabhata ( आर्यभट्ट )

आर्यभट्ट

ये पांचवीं सदी के गणितज्ञ, खगोलशास्त्री, ज्योतिषी और भौतिक विज्ञानी थे। 23 वर्ष की उम्र में इन्होंने आर्यभट्टिया (Aryabhattiya) की रचना की, जो उनके समय के गणित का सार है।

सबसे पहली बार उन्होंने ही पाई (pi) का मान 3.1416 निकाला था। इन्होंने बताया कि शून्य केवल अंक नहीं बल्कि एक प्रतीक और अवधारणा है।

वास्तव में शून्य के आविष्कार ने आर्यभट्ट को पृथ्वी और चंद्रमा के बीच सटीक दूरी पता लगाने में सक्षम बनाया था और शून्य की खोज से नकारात्मक अंकों के नए आयाम सामने आए।

इसके अलावा आर्यभट्ट ने …

August 15, 2020

Gupt Empire गुप्त साम्राज्य क्या है जाने??

Gupt Empire ( गुप्त साम्राज्य )

मौर्य विघटन के बाद लम्बे समय तक भारत विभिन्न राजवंशों के अधीन रहा। इस काल में कोई ऐसा राजवंश नहीं हुआ जो भारत को एक शासन के सूत्र में बांध सके। कुषाणों तथा सातवाहनों ने युद्ध में काफी हद तक स्थिरता लेन का प्रयत्न किया। किन्तु वे असफल रहै।
कुषाणों के पतन के बाद से लेकर गुप्तों के उदय के पूर्व का काल राजनैतिक दृष्टि से विकेंद्रीकरण तथा विभाजन का काल माना जाता है।
इस राजनीतिक संक्रमण को दूर करने के लिए भारत के तीनों कोने से तीन नए राजवंश का उदय हुआ। मध्य …

August 15, 2020

गुप्तकाल -प्रशासन, वास्तुकला स्थापत्य Administration???

गुप्तकाल साम्राज्य प्रशासन(Administration)

गुप्तकालीन शासकों ने एक विशाल साम्राज्य का निर्माण किया था। पाटलिपुत्र इस विशाल साम्राज्य की राजधानी थी। गुप्त शासकों ने उन क्षेत्रों के प्रशासन (Administration) में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जहाँ के शासकों ने उनके सामन्तीय आधिपत्य को स्वीकार कर लिया था, किन्तु इसका यह तात्पर्य नहीं है कि गुप्त राजा केवल अपने सामन्तों के माध्यम से शासन करते थे।

उनकी एक सुव्यवस्थित प्रशासनिक व्यवस्था (Administration) थी जो उन क्षेत्रों में लागू थी, जिन पर उनका सीधा-साधा नियंत्रण था।

गुप्तकाल

राजा- 

राजा ही प्रशासन (Administration) का मुख्य आधार था। समुद्रगुप्त, चंद्रगुप्त द्वितीय, कुमारगुप्त और स्कंदगुप्त …

May 18, 2020

मौर्यकालीन गुहालेख व स्तूप और मौर्य कालीन साहित्य व सिक्के

मौर्यकालीन गुहालेख

  • अशोक के गया (बिहार) अभिलेख बराबर पहाड़ी पर आजीवक संप्रदाय की गुफाएं दान दी जिन्हें निम्न नामों से पुकारा जाता है !
  • सुदामा
  • विश्व झोपड़ी
  • कर्ण चापर
  • अशोक के पौत्र दशरथ ने भी इसी पहाड़ी पर आजीविका संप्रदाय लोमश ऋषि की गुफा दान की जो सबसे सुंदर गुफा थी !
  • दशरथ ने भी अशोक के समान देवान प्रियदर्शी की उपाधि को धारण किया !
  • दशरथ ने गया जिले में स्थित नागार्जुन पहाड़ी पर ही आजीविका संप्रदाय को गुफा दान दे दी जिन्हें निम्न नामों से जाना जाता है
  • गोपी का गुफा
  • बौद्धिक गुफा
  • वैदिक गुफा
  • व सातों गुफाओं

May 18, 2020

मौर्यकालीन अशोक के स्तंभ लेख के बारे में जाने ?

अशोक के स्तंभ लेख

  • अशोक के स्तंभ लेख उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के चुनार नामक स्थान पर बलुआ पत्थर से निर्मित इन पत्थर को साम्राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगवाया गया !
  • संभवत अशोक को अभिलेख लिखवाने की प्रेरणा ईरान के शासक डेरियस या दारा सिंह परंतु दोनों के स्तंभों में पर्याप्त अंतर नजर आता है !

डेरियस

  • इसके स्तंभों को अलग अलग तराश कर जोड़ा गया है !
  • नीचे से ऊपर तक एक समान है !
  • यह गड़ारीदर स्तंभ है !
  • चौकियों पर निर्मित है !
  • महलों में स्थित व शीर्ष पर पूर्वजों की मूर्ति स्थित है
  • उल्टे

May 17, 2020

मौर्यकालीन कला व संस्कृति अशोक के अभिलेख व शिलालेख

अशोक के अभिलेख

  • अशोक के अभिलेखों को तीन भागों में बाटा गया है जोकि निम्नानुसार है!

1. शिलालेख:-इन शिलालेखों को दो भागों में बांटा गया है जो निम्नानुसार है

a. वृहद शिलालेख

b. लघु शिलालेख

सबसे पहले वृहद शिलालेख के बारे में जानेंगे !

a. वृहद शिलालेख:- वृहद शिलालेख 8 स्थानों से प्राप्त हुए तथा प्रत्येक स्थान की चट्टान पर 14 लेख लिखें हैं ! जो कि निम्नानुसार है !

  1. शाहबाजगढ़ी
  • यह पाकिस्तान में स्थित है !
  • इस स्थान की चट्टानों के अभिलेख खरोष्ठी लिपि में है !
  • इसकी खोज कोर्ट ने कि है !

2. मान सेहरा

  • यह भी