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World Geography

August 13, 2020

वायुदाब तथा पवन संचार Air Pressure and Wind

वायुदाब तथा पवन संचार

मौसम के सभी तत्व ( मेघ, वर्षा, आंधी, तूफान तथा पवन आदि) वायुदाब द्वारा नियंत्रित होते हैं समान ऊंचाई पर स्थित दो स्थानों के बीच वायुदाब के परिवर्तन की दर को वायुदाब प्रवणता कहते हैं। वायु के क्षेतिज गति का मूल कारण वायुदाब प्रवणता है

विक्षेप बल ( Deflection force ) – पृथ्वी के अक्षीय गति(rotation) के कारण हवाओं की दिशा में विक्षेप हो जाता है। इस कारण परिवर्तनकारी बल को विक्षेप बल या कोरियालिस बल कहते हैं। इस बल के कारण ही उत्तरी गोलार्ध में सभी हवाएं प्रवणता की दिशा की दाहिनी ओर तथा दक्षिणी …

August 13, 2020

भू आकृति विज्ञान क्या हे Geomorphology

भू-आकृति विज्ञान का परिचय ( Introduction to Geomorphology ) :-

भू- आकृति विज्ञान शब्द अंग्रेजी भाषा के शब्द geomorphology का हिन्दी पर्याय है, जिसकी उत्पत्ति ग्रीक भाषा के शब्द geo- earth (पृथ्वी), morphi- form (रूप) तथा logos- discourse (वर्णन) से मिलकर बना है। इसका भावार्थ है- ‘स्थलरूपों का अध्ययन’।
इसके अंतर्गत ग्लोब के स्थलमण्डल के उच्चावचों, उनके निर्माणक प्रक्रमों तथा उनका मानव के साथ अन्तर्सम्बंधों का अध्ययन किया जाता है।

यद्यपि इसका प्रारम्भिक अध्ययन ग्रीक, युनान, मिस्र आदि में 500 ई. पू. प्रारम्भ हो गया था तथापि इसका आधुनकि रूप एवं विधितंत्रात्मक अध्ययन 20 वी शदी में ही विकसित हो सका।…

August 13, 2020

वायुमंडल का संगठन एवं संरचना Atmosphere Structure

वायुमंडल का संगठन एवं संरचना ( Atmosphere Structure )

वायुमंडल विभिन्न प्रकार के गैसों का मिश्रण है वायु पृथ्वी के द्रव्यमान का अभिन्न भाग है

तथा इसके कुल द्रव्यमान का 99% पृथ्वी की सतह से 32 किलोमीटर की ऊंचाई तक है वायु रंगीन तथा गंधहीन होती है

तथा जब यह पवन की तरह बहती है तभी हम इसे महसूस कर सकते हैं

वैज्ञानिक के अनुसार शुरूआत मे पृथ्वी से हिलियम व हाइड्रोजन जैसी बहुत ही हल्की गैसो के अलग हो जाने से वायुमंडल का निर्माण हुआ होगा 

जलवायु शास्त्र के वैज्ञानिक क्रिचफिल्ड के अनुसार वर्तमान वायुमंडल 50 करोड़ पुराना हे

वायुमंडल

August 13, 2020

सूर्य ताप व पृथ्वी का उष्मा बजट Sunlight and earth’s heat budget

सूर्यताप व पृथ्वी का उष्मा बजट ( Sunlight and earth’s heat budget)

 पृथ्वी सूर्य से ऊर्जा प्राप्त करके उसे अंतरिक्ष में विकृत कर देती है, इसी कारण ना तो पृथ्वी ज्यादा गर्म और और ना ज्यादा ठंडी होती है, पृथ्वी के प्रत्येक भाग पर ताप की मात्रा अलग-अलग होती है और इसी वजह वायुमंडल के दाब में भिन्नता पाई जाती है इसी कारण पवनों के द्वारा ताप का स्थानांतरण एक स्थान से दूसरे स्थान पर होता है 

 पृथ्वी की सतह पर प्राप्त होने वाली ऊर्जा का अधिकतम भाग लघु तरंग धैर्य के रूप में आता है  पृथ्वी को प्राप्त होने …