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May 2, 2020

May 2, 2020

गुलाम वंश के बारे में पूरी जानकारी भाग – 3

आप ने अभी तक भाग 1 और 2 पढ़ लिया होगा यदि नहीं पढ़ा तो पहले उसे पढ़े धन्यवाद अब गुलाम वंश के बारे में जानेंगे।आगेhttp://www.goldenclasses.com/%E0%A4%97%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%B5%E0%A4%82%E0%A4%B6-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97-2/

रुकनुद्दीन फिरोज शाह

इल्तुतमिश के बाद रुकनुद्दीन शासक बना इसका शासन केवल 8 महीनों तक रहा इसके काल में शासन के समस्त अधिकार

इसकी मां शाह तुरकान के हाथों में थे इसके काल में दिल्ली में अव्यवस्था की स्थिति हो गई

रजिया-सुल्तान 1236-40

रजिया दिल्ली सल्तनत की पहली और अंतिम महिला शासिका थी।

इन्होंने पर्दा प्रथा को त्याग कर दरबार में कोट व टोपी पहनकर शासन किया।

रजिया में बदायूं के इक्तेदार एतगिंन को अमीर-एहाजिब दरबारी

शिष्टाचार से संबंधित अधिकारी होता था।

रजिया सुल्तान के द्वारा एबिसिनिया के जलालुद्दीन याकूत को अमीर ए आखुर का पद दिया गया ।

अमीर ए आखुर साही अश्वशाला का प्रधान होता था तुर्क ए चहल गानी के सदस्यों ने रजिया का विरोध किया।

और बहराम शाह ने रजिया को पराजित कर दिया और बहराम शाह ने रजिया को पराजित कर दिया।

हरियाणा के कैथल नामक स्थान पर रजिया सुल्तान की मृत्यु हो गई

एलीफिंटन ने लिखा है कि रजिया यदि महिला नहीं होती तो रजिया का नाम हिंदुस्तान के श्रेष्ठ शासकों में लिया जाता

मोइजुद्दीन बहराम शाह 1240-42

इसके काल में नायब ए ममलात नामक पद का सृजन किया गया और यह पद सर्वप्रथम एतगिन को प्रदान किया।

गया नायब ए ममलात से तात्पर्य है संपूर्ण अधिकारों का स्वामी अब सत्ता के 3 केंद्र हो गए

1 सुल्तान

2 नायब

3 वजीर

बहराम शाह के काल में मंगोल आक्रमण हुए जिसमें बहराम शाह पराजित हुआ।

बलबन बहराम शाह के काल में अमीर ए हाजिब के पद पर नियुक्त हुआ और अपनी शक्तियों में वृद्धि करने लगा।

बहराम शाह के बाद अलाउद्दीन मसूद शाह शासक बना बलवंन इसके काल में अमीर ए हाजीब के पद पर था।

मसूद साह के काल में बलबन ने अपनी शक्तियों में तेजी से वृद्धि करने लगा।

नसीरुद्दीन महमूद के काल में बलवंन नायब ए मम लात के पद पर पहुंचा था।

इस समय शासन के सभी अधिकार बलवंन के हाथों में थे

इब्नबतूता के अनुसार वलवन नै नासिरूद्दीन को जहर दे दिया

गुलाम वंश रजिया-सुल्तानकी फोटो http://गुलाम-वंश-के-बारे-में-पूरी

बलबन 1265-1287

बलवंन रक्त व लोगों की नीति का पालन करता था बलबन ने स्वयं को अफरासियाब वंश से संबंधित बताया था।

बलबन नए जिले ए इलाई व नियति खुदाई की उपाधि ली थी

बलबन मैं अपने विरोधियों का दमन करने हेतु रक्त और लोहे की नीति का पालन किया था।

गयासुद्दीन बलबन ने तुर्क ए चहल गानी का दमन करके दीवान ए अर्ज नामक सैन्य विभाग का गठन किया था

बलबन की मृत्यु के बारे में बर्नी ने लिखा है।

कि बलबन की मृत्यु पर 40 दिनों का शोक मनाया गया।

बलबन के बाद केकू बाद वह क्यो मर्श शासक बने

May 2, 2020

माउंट एवरेस्ट को तीसरी बार नापेगा चाइना?

1975 व 2005 में नापा जा चुका है एवरेस्ट

लोक डाउन के कारण दुनिया के सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट खाली पड़ी है। इसका फायदा उठाते हुए चीन 45 साल में तीसरी बार इसकी ऊंचाई नापेगा।

चीन ने गुरुवार को 53 वैज्ञानिकों की टीम भी भेज दी है चीन 6 बार सर्वेक्षण की कोशिश कर चुका है लेकिन दो बार सफल हो पाया।

1 पहली बार 1975 में तब ऊंचाई 8848.13 मीटर निकली था

2 दूसरी बार 2005 में तब ऊंचाई 8844.43 मीटर दर्ज की गई थी।

6500 मीटर ऊंचाई पर 5G नेटवर्क शुरू

पर्वतारोही अब माउंट एवरेस्ट पर भी हाई स्पीड 5G नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकेंगे।

चीन ने गुरुवार को अपनी तरफ के हिस्से में बस स्टेशन से इस सुविधा को शुरू किया है।

शिन्हुआ के मुताबिक 6500 मीटर की ऊंचाई पर बना बेस स्टेशन भी शुरू हो गया है।

इसका निर्माण सरकारी टेलीकॉम कंपनी चाइना मोबाइल ने किया है।

अब क्षेत्र के पर्यावरण की निगरानी आसान हो जाएगी पर्वतारोही लाइव स्ट्रीमिंग भी कर सकेंगे।

चीन की नौसेना ने जंगी जहाज खदेड़ा तो अमेरिका ने भेज दिए बमवर्षक विमान

वैश्विक महामारी के बीच चीन की नौसेना ने दावा किया है कि उसने साउथ चाइना से अमेरिका के एक जंगली जहाज को अपने इलाके से खदेड़ दिया है। हालांकि, अमेरिका ने चीन के इस दावे का खंडन किया और अपने #बमवर्षक विमानों को साउथ चाइना सी में गश्त के लिए भेज दिए हैं।चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के प्रवक्ता सीनियर कर्नल लीहुआमिन ने कहा कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों की धज्जियां उड़ाई हैं। अमेरिका ने सुरक्षा हितों का गंभीर उल्लंघन किया है। इससे हमारी सुरक्षा को खतरा बढ़ गया है जिससे कोरोना के खिलाफ वैश्विक लड़ाई कमजोर होगी।http://पर्वतारोही लाइव स्ट्रीमिंग

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