कोरोना से लाभ

बीते 40 दिनों से हम लोग डाउन में हैं हमने महसूस किया है कि इन दिनों आबोहवा साफ हुई है।

वातावरण अपेक्षाकृत रूप से बेहतर हुआ हैl

यह वक्त अवलोकन का है यह बात बिल्कुल सही है कि सिर्फ पर्यावरण की फिक्र करके किसी देश की अर्थव्यवस्था नहीं चलती।

हमने इस लोक डाउन में गंगा वह यमुना को काफी हद तक साफ देखा है।

इन नदियों पर भारत सरकार व राज्य सरकारों ने काफी करोड रुपए खर्च किए लेकिन रत्ती भर भी फर्क नहीं पड़ा इस COVID की वजह से सभी फैक्ट्रियां बंद है।

कारण गंगा व यमुना अपने वास्तविक रूप में आ रही है आज उन्हें देखने पर साफ पानी वे उन में खेलती हुई मछलियां आंखों से दिखती हैं हमें ऐसा करने की जरूरत भी नहीं है।

किसी भी चीज़ में अतिवाद नहीं चलता फिर चाहे बात पर्यावरण की हो

या विकास की पर्यावरण संरक्षण के नाम पर हम दशकों पुरानी परिस्थितियों की कल्पना भी नहीं करते हैं।

लेकिन विकास भी अंधाधुंध नहीं चाहते कि हमारे अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगे आखिर हम रोबोट तो है नहीं

जिसे हवा पानी भोजन की जरूरत इन्हें हो यह वक्त है।

कि पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन की बहस शुरू हो और हम अपनी नीतियों पर विचार करें

कोरोना से हानि

बीते 40 दिनों से हम लोग डाउन में हैं

इस कारण से तमाम फैक्ट्रियां कल कारखाने आदि बंद हो चुके हैं।

उनकी वजह से मजदूरों को पैदल ही अपने घर की ओर पलायन होना पड़ा।

उनके आगे सबसे बड़ी समस्या भोजन की वह रहने की क्योंकि वह रोज कमाते रोज खाते आज हमें पता चला है।

कि हमारे चिकित्सालय किस हालत में है जो चिकित्सालय मरीजों को चिकित्सा उपलब्ध कराता है उसे ही आज बीमार है।

देश में COVID से लोग इतने नहीं मरे जितने हर दिन भूख से मर जाते हैं।

इसका इलाज है फिर भी सरकारी ध्यान नहीं देती

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COVID-में क्या-करें?

COVID वायरस के परिचय पर मैं एक बड़ा-सबक मिला है अपनी साफ-सफाई और

किसी भी बीमारी के प्रति सजग होने का इसका मतलब है लोग पर्याप्त दूरी से मिल रहे हैं।

हाथ नहीं मिला रहे हैं और समय-समय पर हाथ धो रहे हैं एक वह लोग थे

जो अपनी साफ-सफाई के प्रति बहुत सजग थे।

लेकिन ऐसे लोग मुट्ठी भर थे एक तिहाई लोग थोड़े सजग थे लेकिन कई बार थोड़ी लापरवाही कर रहे थे।

एक बड़ा हिस्सा उन लोगों का था जो खुद की साफ सफाई नहीं अपने

आसपास के साफ-सफाई को लेकर भी बहुत लापरवाह थे।

लेकिन COVID काल में पहली और दूसरी तरह के लोगों की संख्या में इजाफा हुआ है।

तीसरी श्रेणी के लोग गायब हो गए हैं इसलिए बार बार हाथ धोए घर से महत्वपूर्ण काम होने पर ही निकले

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जय हिंद जय भारत Keyphrase: covid